लंदन, छह अगस्त माता-पिता संबंधी विवाद के चलते इंग्लैण्ड में दो भारतीय बच्चे देखभाल केंद्र में फंस गए हैं और स्थानीय अधिकारी अब उनकी नागरिकता बदलकर भारतीय से ब्रिटिश करना चाहते हैं।
इनमें से एक बच्चे की उम्र 11 साल और दूसरे बच्चे की उम्र नौ साल है। मामला ‘ब्रिटेन के कोर्ट ऑफ अपील’ में पहुंच गया है।
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तीन न्यायाधीशों- लॉर्ड जस्टिस पीटर जैक्सन, लॉर्ड जस्टिस रिचर्ड मैक्कोम्बे और लेडी जस्टिस एलीनोर किंग की पीठ ने बृहस्पतिवार को आदेश दिया कि बर्मिंघम चिल्ड्रंस ट्रस्ट को ‘‘माता-पिता संबंधी’’ विवाद के चलते बच्चों के लिए ब्रिटिश नागरिकता का आवेदन करने से पहले अदालत की अनुमति लेनी चाहिए।
ब्रिटेन में रह रहे बच्चों के पिता का प्रतिनिधित्व जाने-माने भारतीय अधिवक्ता हरीश साल्वे कर रहे हैं।
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बच्चों की मां अब सिंगापुर में रहती है।
मामला अगस्त 2015 का है जब भारतीय मूल के माता-पिता की देखरेख से बच्चों को अलग कर दिया गया। ऐसा क्यों किया गया, अदालत में इसका खुलासा नहीं किया गया। यह उल्लेख किया गया कि बच्चों के माता-पिता से पांच साल से संपर्क स्थापित नहीं हुआ है।
भारतीय मूल के माता-पिता 2004 में ब्रिटेन आए थे।
अदालत ने उल्लेख किया कि बच्चों की मां नवंबर 2015 में ब्रिटेन छोड़कर चली गई और वह इस समय सिंगापुर में रहती है। बच्चों का पिता इंग्लैण्ड में रहता है, लेकिन स्थानीय अधिकारियों के प्रति उसके उसके विपरीत रुख के चलते उससे संपर्क नहीं हो पाया है।
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