गुवाहाटी, 14 फरवरी असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बुधवार को कहा कि कांग्रेस विधायक कमलाख्या डे पुरकायस्थ और पूर्व मंत्री बसंत दास ने ‘‘सरकार में शामिल होने’’ का फैसला किया है।
पुरकायस्थ कांग्रेस की प्रदेश इकाई के कार्यकारी प्रमुख थे, जबकि दास तरुण गोगोई सरकार में मंत्री रहे थे। दास 2021 में मंगलदोई सीट से चुने गए थे।
राज्य में भाजपा-नीत सरकार का नेतृत्व कर रहे शर्मा ने बजट सत्र के दौरान दोनों विधायकों का विधानसभा परिसर स्थित मुख्यमंत्री के कक्ष में स्वागत किया।
पुरकायस्थ, कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया) में रहने के समय से ही पार्टी से संबद्ध रहे थे। वह 2021 में करीमगंज उत्तर सीट से विधानसभा के लिए चुने गए थे।
शर्मा ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘नरेन्द्र मोदी-नीत केंद्र सरकार में विश्वास जताते हुए, कांग्रेस के दोनों विधायकों ने सरकार का समर्थन करने का फैसला किया है। सभी जन कल्याणकारी कार्यक्रमों और रचनात्मक कार्यों में वे राज्य एवं केंद्र सरकार का समर्थन करेंगे।’’
उन्होंने कहा कि मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में इस्तीफा दे चुके पुरकायस्थ, और दास विपक्षी दल के विधायक बने रहेंगे, लेकिन जनता के लिए काम करने के वास्ते असम सरकार को बिना शर्त समर्थन दिया है।
इन दोनों विधायकों से पहले कांग्रेस विधायक शशिकांत दास और सिदि्दकी अहमद ने भी इसी तरीके से सरकार को अपना समर्थन दिया था, लेकिन अब भी वे विपक्षी दल के ही विधायक हैं।
वर्तमान में, 126 सदस्यीय असम विधानसभा में भाजपा सदस्यों की संख्या 61 है, जबकि इसकी सहयोगी यूपीपीएल के सात, असम गण परिषद (एजीपी) के नौ सदस्य हैं। वहीं, विपक्षी खेमे में कांग्रेस के 27, एआईयूडीएफ के 15, बीपीएफ के तीन और माकपा के एक विधायक हैं। एक निर्दलीय विधायक भी है।’’
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