विदेश की खबरें | तुर्की ने लीबिया में 3,800 लड़ाकों को भेजा : पेंटागन रिपोर्ट

यह रिपोर्ट ऐसे समय में आयी है जब तेल संपन्न लीबिया में संघर्ष एक क्षेत्रीय छद्म युद्ध में बदल गया है जिसमें विदेशी शक्तियां हथियार और किराये के सैनिक भेज रही हैं।

लीबिया में रूस के बढ़ते प्रभाव से चिंतित अमेरिकी सेना ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। रूस के सैकड़ों सैनिकों ने लीबिया की राजधानी त्रिपोली पर कब्जा जमाने के एक अभियान का समर्थन किया है।

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अफ्रीका में आतंकवाद के खिलाफ अभियानों पर यह रिपोर्ट बृहस्पतिवार को प्रकाशित हुई। इसमें कहा गया है कि तुर्की ने लीबिया के कमांडर खलीफा हफ्तार के खिलाफ लड़ रहे किराये के हजारों लड़ाकों को वेतन दिया और उन्हें नागरिकता की पेशकश दी।

लड़ाकों के चरमपंथियों से संबंधों की खबरों के बावजूद इस रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी सेना को ऐसे कोई सबूत नहीं मिले जिससे पता चले कि किराये के लड़ाकों का संबंध आतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट या अल-कायदा से है। इसमें कहा गया है कि इन लड़ाकों के किसी विचारधारा या राजनीति के बजाय वित्तीय पैकेज से प्रेरित होने की अधिक संभावना है।

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रिपोर्ट में अमेरिका अफ्रीका कमान के हवाले से कहा गया है कि तुर्की के समर्थन वाले 300 सीरियाई लड़ाके अप्रैल की शुरुआत में लीबिया पहुंचे।

महानिरीक्षक ने कहा कि तुर्की ने इस साल के शुरुआती महीनों के दौरान तुर्की के सैनिकों को तैनात किया जिनकी तादाद अभी मालूम नहीं है।

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