विदेश की खबरें | ट्रंप चाहते हैं और अधिक फलस्तीनी शरणार्थियों को लें जॉर्डन, मिस्र
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

ट्रंप ने शनिवार को एयरफोर्स वन में पत्रकारों के साथ 20 मिनट के सवाल-जवाब सत्र के दौरान यह भी कहा कि उन्होंने अपने पूर्ववर्ती की इजराइल को 2,000 पाउंड के बम भेजने पर लगी रोक को खत्म कर दिया है। ट्रंप ने बमों को लेकर कहा, ‘‘हमने उन्हें आज जारी कर दिया। वे लंबे समय से उनका इंतजार कर रहे थे।’’

जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने उन बमों पर से प्रतिबंध क्यों हटाया, तो ट्रंप ने जवाब दिया, ‘‘क्योंकि उन्होंने (इजराइल ने) उन्हें खरीदा था।’’

ट्रंप ने अपना राजनीतिक करियर बिना किसी लाग लपेट के इजराइल के पक्ष में रहने के इर्द-गिर्द बनाया है।

गाजा के लिए अपने व्यापक दृष्टिकोण के बारे में ट्रंप ने कहा कि उन्होंने दिन में पहले जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला द्वितीय से बात की थी और रविवार को मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी से बात करेंगे।

ट्रंप ने कहा, ‘‘मैं चाहता हूं कि मिस्र लोगों को अपने यहां ले। आप 15 लाख लोगों की बात कर रहे हैं।’’

ट्रंप ने कहा कि उन्होंने जॉर्डन को फलस्तीनी शरणार्थियों को सफलतापूर्वक स्वीकार करने के लिए बधाई दी। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने शाह से कहा, ‘‘मैं चाहता हूं कि आप और अधिक काम करें, क्योंकि मैं अभी पूरे गाजा पट्टी को देख रहा हूं और वह अस्तव्यस्त स्थिति में है।’’

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को एक बयान में ट्रंप को ‘‘इजराइल को अपनी रक्षा के लिए आवश्यक उपकरण देने के अपने वादे को निभाने’’ के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने फलस्तीनी शरणार्थियों पर ट्रंप के सुझाव का उल्लेख नहीं किया।

एपी

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