पिछले राष्ट्रपति जो बाइडन के कार्यकाल में जारी यह नियम बृहस्पतिवार से प्रभावी होने वाला था। लेकिन डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने इसे निरस्त कर दिया है।
वाणिज्य विभाग ने एक मार्गदर्शन में कहा, ‘‘इन प्रावधानों ने अमेरिकी नवाचार को रोक दिया होगा और कंपनियों पर नई नियामकीय शर्तों के कारण बोझ बढ़ गया होगा।’’
वाणिज्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी जेफरी केसलर ने कहा कि ट्रंप प्रशासन अब निरस्त नियम को बदलने के लिए काम कर रहा है।
केसलर ने कहा, “ट्रंप प्रशासन दुनिया भर के भरोसेमंद देशों के साथ अमेरिकी एआई प्रौद्योगिकी के लिए एक साहसिक, समावेशी रणनीति अपनाएगा, जबकि इस प्रौद्योगिकी को अपने विरोधियों की पहुंच से दूर रखेगा।”
बाइडन के समय उत्पादकों और अन्य देशों के आर्थिक हितों के साथ प्रौद्योगिकी के बारे में राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं को संतुलित करने के प्रयास में एआई चिप के निर्यात की रूपरेखा तय की गई थी।
अमेरिका ने पहले ही चीन और रूस जैसे देशों को एआई चिप का निर्यात प्रतिबंधित कर दिया था। उनमें से कुछ नियंत्रणों में मौजूद खामियों को देखते हुए बहुत व्यापक देशों के समूह पर सीमाएं निर्धारित की गई थीं।
एपी प्रेम
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