बेंगलुरू, 15 अगस्त कर्नाटक में पहली बार स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी बेंगलुरू के चामराजपेट स्थित ईदगाह मैदान में सोमवार को राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। मैदान के मालिकाना हक को लेकर विवाद है।
कार्यक्रम स्थल पर और आसपास त्वरित कार्रवाई बल फोर्स (आरएएफ), शहर सशस्त्र रिज़र्व (सीएआर) बल और कर्नाटक राज्य रिज़र्व पुलिस (केएसआरपी) की टुकड़ियां तैनात की गई थीं।
कई समूहों ने हाल ही में घोषणा की थी कि वे स्वतंत्रता दिवस पर ईदगाह मैदान में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। इसके बाद राज्य सरकार ने फैसला किया था कि राजस्व विभाग का, एक सहायक आयुक्त रैंक का अधिकारी तिरंगा फहराएगा।
ईदगाह मैदान में रविवार को व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे राजस्व मंत्री आर. अशोक ने कहा था कि 75 साल से वहां झंडा नहीं फहराया गया और राज्य सरकार ने अब इस संबंध में कड़ा फैसला किया है।
सहायक आयुक्त एमजी शिवन्ना ने तिरंगा फहराया। कार्यक्रम में सांसद पी. सी. मोहन, विधायक बी. जेड. ज़मीर अहमद खान, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त संदीप पाटिल, पुलिस उपायुक्त लक्ष्मण बी. निंबर्गी ने भी शिरकत की।
ध्वजारोहण और राष्ट्रगान के बाद ‘‘भारत माता की जय’’ के नारे लगाए गए।
कार्यक्रम में चामराजपेट सरकारी स्कूल के छात्रों ने सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। यह पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण रहा।
शहर के नगर निकाय बृहद बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) ने हाल में ‘कर्नाटक स्टेट बोर्ड ऑफ औकाफ़’ द्वारा, सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील ईदगाह मैदान के ‘खाता’ (दस्तावेज जो संपत्ति के मालिकाना हक की पहचान करता है) के लिए दायर याचिका को खारिज कर दिया था और कहा था ईदगाह मैदान की संपत्ति कर्नाटक राजस्व विभाग की है।
बीबीएमपी के आदेश के बाद कई हिंदू संगठनों ने मैदान में स्वतंत्रता दिवस मनाने की घोषणा की थी। कांग्रेस के स्थानीय विधायक बी. जेड. ज़मीर अहमद खान ने भी घोषणा की थी कि वे मैदान में तिरंगा फहराएंगे।
ईदगाह मैदान को लेकर दशकों पुराना विवाद इस साल की शुरुआत में एक बार फिर सामने आया था, जब कुछ हिंदू संगठनों ने इस जगह पर कार्यक्रम आयोजित करने के लिए बीबीएमपी की अनुमति मांगी थी।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY