नयी दिल्ली, 25 जुलाई राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने वाहनों की स्क्रैपिंग पर दिशा-निर्देश जारी करने में देरी के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की खिंचाई की है।
अधिकरण के अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने कहा कि ‘एंड ऑफ लाइफ व्हीकल’ (ईएलवी) की एक बड़ी संख्या के मद्देनजर पर्यावरणीय मानदंडों के अनुपालन के लिए अधिकृत रीसाइक्लिंग केंद्र स्थापित करने के लिए एक समुचित तंत्र की तत्काल आवश्यकता है।
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अधिकरण ने कहा कि वाहन स्क्रैपिंग केंद्रों की स्थापना और संचालन के लिए दिशा-निर्देशों के मसौदे को सार्वजनिक टिप्पणियों के लिए मंत्रालय की वेबसाइट पर अपलोड किया गया हैं और इसमें उपयुक्त रूप से संशोधन किए गए हैं।
हालांकि, कैबिनेट की मंजूरी के बाद मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत एक औपचारिक अधिसूचना जारी की जानी है।
अधिकरण ने कहा कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की प्रतिक्रिया बहुत असंतोषजनक है और संवेदनशीलता की कमी है।
पीठ ने कहा, ‘‘आवश्यक अधिसूचना जारी करने में लंबे समय तक देरी के लिए कोई ठोस व्याख्या नहीं है। हम अपेक्षित अधिसूचना जारी करने के लिए दो महीने का और समय देते हैं।’’
उसने कहा कि दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के रुख से पता चलता है कि अवैध गतिविधियां अभी भी पाई जा रही हैं, जिसके लिए निगरानी को मजबूत किया जा सकता है।
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