ठाणे (महाराष्ट्र), 25 जुलाई भारत की नयी राष्ट्रपति के रूप में द्रौपदी मुर्मू के पदभार ग्रहण करने पर महाराष्ट्र के ठाणे में आदिवासी पुरूषों एवं महिलाओं ने पारंपरिक गीत बजाकर उसपर नृत्य किया जौर जश्न मनाया ।
मुर्मू ने सोमवार को संसद के केंद्रीय कक्ष में देश की 15 वीं राष्ट्रपति के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। भारत के प्रधान न्यायाधीश एन. वी. रमण उन्हें राष्ट्रपति पद की शपथ दिलायी। उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, मंत्रिपरिषद के सदस्य, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, विभिन्न राज्यों के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, संसद सदस्य आदि समारोह में शामिल हुए।
ठाणे में, आदिवासियों के उत्थान के लिए कार्यरत एक संगठन ने नये राष्ट्रपति को बधाई देने के लिए जिला समाहरणालय के समीप बड़े-बड़े पोस्टर एवं बैनर लगाये।
ठाणे और समीप के पालघर के कई आदिवासी पुरूष एवं महिलाएं मुर्मू की तस्वीर लेकर समाहरणालय के बाहर एकत्र हुईं। वे पारंपरिक परिधान में थे। इस मौके पर उन्होंने तर्पण एवं लेझिम बजाये और नृत्य किया।
इस कार्यक्रम का आयोजन श्रमजीवी संघटना ने किया था जो आदिवासियों के लिए काम करता है।
इस संगठन के कुछ कार्यकर्ताओं ने कहा कि उन्हें खुशी है कि आदिवासी समुदाय की एक सदस्य देश की शीर्ष संवैधानिक पद के लिए निर्वाचित हुईं।
संगठन के एक सदस्य ने कहा, ‘‘ नयी राष्ट्रपति को आदिवासी समुदाय के दुख-दर्द और जरूरतों का भान है और वह निश्चित ही उनका समाधान सुनिश्चित करेंगी।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY