नयी दिल्ली, 18 सितंबर भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने दूरसंचार कंपनियों के लिए टैरिफ प्लान के विज्ञापन और प्रकाशन से जुड़े नए दिशानिर्देश शुक्रवार को जारी किए। इसका मकसद उपभोक्ताओं के लिए मोबाइल प्लानों को लेकर पारदर्शिता लाना और उन्हें सोच-समझकर निर्णय लेने में मदद करना है।
ट्राई ने अपने दिशानिर्देशों में कहा, ‘‘यह देखा गया है कि दूरसंचार कंपनियों की मौजूदा प्रक्रियाएं उतनी पारदर्शी नहीं है, जितना उन्हें होना चाहिए। कुछ कंपनियां प्राय: अतिरिक्त नियम और शर्तों का प्रकाशन नहीं करती हैं। साथ ही कई बार विभिन्न प्लान के लिए एक ही वेब पेज पर सारे नियम शर्तें लिख देती हैं। ऐसे में यह जानकारी समझने में या तो ग्राहक सक्षम नहीं होते या जानकारियां कहीं खो जाती हैं।’’
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इस पूरी प्रक्रिया की नियामकीय अनिवार्यताओं में आमूलचूल परिवर्तन करते हुए ट्राई ने कहा कि कंपनियों को 15 दिन के भीतर अपने सेवा क्षेत्र में पोस्टपेड और प्रीपेड के हर टैरिफ प्लान की पूरी जानकारी, किसी ऑफर की संपूर्ण जानकारी ग्राहकों, ग्राहक देखभाल केंद्रों, बिक्री केंद्रों, खुदरा केंद्रों, वेबसाइटों और ऐप पर देनी होगी।
इसके तहत कंपनियों को प्लान के तहत कितने मिनट की कॉल, कितने एसएमएस, डेटा और उनके शुल्क, सीमा के बाद लगने वाले शुल्क और सीमा के बाद डेटा की स्पीड एवं शुल्क की पूरी जानकारी उपलब्ध करानी होगी।
इसके अलावा कंपनियों को पोस्टपेड ग्राहकों को उनके कनेक्शन शुल्क, जमा, अतिरिक्त किराये इत्यादि की जानकारी भी देनी होगी।
विशेष टैरिफ वाउचर्स, कॉम्बो प्लान या एड-ऑन प्लान की जानकारी भी पारदर्शी तरीके से देनी होगी।
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