देश की खबरें | किसान आंदोलन के चलते सीमाओं पर भारी अवरोधक लगाए जाने से यातायात प्रभावित

नयी दिल्ली, 14 फरवरी किसानों के प्रस्तावित ‘दिल्ली चलो’ मार्च के मद्देनजर पुलिस ने बुधवार को सिंघू और टीकरी सीमाओं पर कई स्तर के अवरोधक लगाकर वाहनों की आवाजाही रोक दी, जिससे दिल्ली के सीमावर्ती इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ।

दिल्ली और हरियाणा के बीच सिंघू और टिकरी सीमाएं यातायात के लिए पूरी तरह से बंद कर दी गई हैं जबकि गाजीपुर बॉर्डर पर नियंत्रित तरीके से वाहनों की आवाजाही की अनुमति है।

किसानों के दिल्ली मार्च को रोकने के लिए सिंघू सीमा के पास एक गांव में सड़क का एक हिस्सा खोद दिया गया।

उत्तर प्रदेश से लगी अप्सरा और गाजीपुर सीमाएं यातायात के लिए खुली हैं लेकिन दोनों जगहों पर भारी सुरक्षा बल तैनात है।

शाहदरा से नोएडा सेक्टर-62 की ओर यात्रा कर रहे अंकित सिंह ने कहा कि गाजीपुर बॉर्डर पर यातायात थोड़ा प्रभावित है।

सिंह ने कहा, ‘‘मुझे लगा कि यातायात बंद हो सकता है और मैं अपने कार्यालय तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्ग लेने की योजना बना रहा था। हालांकि, गाजीपुर बॉर्डर पर वाहनों की आवाजाही मामूली रूप से प्रभावित हुई है। वहां भारी सुरक्षा तैनाती है।’’

पुलिस ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर सिंघू सीमा पर यातायात बंद है।

पुलिस ने कहा कि हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और अन्य स्थानों के लिए अंतरराज्यीय बसों और भारी मालवाहक वाहनों को बाहरी रिंग रोड से मजनू का टीला होते हुए सिग्नेचर ब्रिज तक और फिर खजूरी चौक से लोनी बॉर्डर से होते हुए ईस्टर्न पेरिफेरल रोड तक निकाला गया।

लोगों को मंगलवार को दिल्ली और हरियाणा के बीच सिंघू बॉर्डर को पैदल पार करना पड़ा क्योंकि पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी की ओर किसानों के मार्च के मद्देनजर वाहनों की आवाजाही रोक दी थी।

हरियाणा के करनाल में रहने वाले हेम सिंह ने कहा कि वह एक शादी में शामिल होने के लिए उत्तर-पूर्वी दिल्ली जा रहे थे लेकिन उनकी बस को सीमा से लगभग एक किलोमीटर पहले रुकना पड़ा।

सिंह ने कहा, ‘‘बुधवार को उत्तर-पूर्वी दिल्ली के गोकुलपुरी में मेरे भतीजे की शादी है और हम यातायात प्रतिबंध के कारण फंस गए हैं। बस चालक ने सीमा से एक किलोमीटर पहले वाहन रोक दिया। हम दिल्ली की ओर पैदल जा रहे हैं और निश्चित नहीं हैं कि हमें कोई वाहन मिलेगा या नहीं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमें किसानों के मार्च के बारे में पता था, लेकिन यह अंदाजा नहीं था कि हम यहां फंस जाएंगे।’’

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