गोवा की संस्कृति, विरासत के संरक्षण के लिए पर्यटकों और निवासियों को साथ आना चाहिए: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को गोवा वासियों को राज्य स्थापना दिवस पर बधाई दी और कहा कि राज्य की संस्कृति और विरासत को संरक्षित करने के लिए पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को मिलकर सतत पर्यटन को अपनाना चाहिए और स्थानीय समुदायों का सहयोग करना चाहिए.
नयी दिल्ली, 30 मई : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को गोवा वासियों को राज्य स्थापना दिवस पर बधाई दी और कहा कि राज्य की संस्कृति और विरासत को संरक्षित करने के लिए पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को मिलकर सतत पर्यटन को अपनाना चाहिए और स्थानीय समुदायों का सहयोग करना चाहिए.
गोवा को 30 मई 1987 को राज्य का दर्जा दिया गया था. यह राज्य पहले केंद्र शासित प्रदेश गोवा, दमन और दीव का हिस्सा था राष्ट्रपति मुर्मू ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर पोस्ट किया, ‘‘राज्य स्थापना दिवस पर गोवा के लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं! गोवा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सुंदर समुद्र तट, गर्मजोशी से भरा आतिथ्य और अन्य कई आकर्षण दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करते हैं.’’ यह भी पढ़ें : ममता बनर्जी ने फिल्म निर्देशक ऋतुपर्णो घोष की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की
उन्होंने कहा, ‘‘पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को राज्य की संस्कृति और विरासत को संरक्षित करने के लिए सतत पर्यटन को अपनाते हुए एक साथ आना चाहिए और स्थानीय समुदायों का सहयोग करना चाहिए.’’ राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘ गोवा राज्य निरंतर प्रगति करे और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देता रहे, यही मेरी कामना है.’’