देश की खबरें | विश्व नेता बनने के लिए हमें होमियोपैथी, आयुर्वेद में शोध को बढ़ावा देना होगा : भाजपा
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 18 सितंबर राज्यसभा में शुक्रवार को भाजपा के एक सदस्य ने होमियोपैथी और भारतीय दवाइयों के क्षेत्र में शोध एवं अनुसंधान को बढ़ावा देने का आह्वान करते हुए कहा कि विश्व नेता बनने के लिए हमें वैकल्पिक पद्धतियों में आगे आना होगा।

भाजपा सदस्य सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि हमारे सामने एक नयी चुनौती है और नयी शताब्दी में हम नए तरीके से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर विश्व का नेता बनना है तो हमें वैकल्पिक प्रौद्योगिकी को ही अपनाना होगा।

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उन्होंने कहा कि स्थापित प्रौद्योगिकी अपनाकर हम अनुयायी ही बन सकते हैं, नेता नहीं।

उन्होंने रवींद्रनाथ टैगोर को उद्धृत करते हुए कहा कि आजादी के बाद के समय में यदि आयुर्वेद और होमियोपैथी के कुछ शोध संस्थान स्थापित कर लिए गए होते और हमारे पास कुछ पेटेंट होते तो आज हम दुनिया में एक अलग ढंग से खड़े होते।

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उन्होंने कहा कि चीन ने इस दिशा में काफी शोध किया है। हमें भी शोध एवं अनुसंधान की दिशा में बढ़ना चाहिए। विश्व नेता बनने के लिए हमें वैकल्पिक पद्धतियों में आगे आना होगा।

त्रिवेदी ने कहा कि भारत में आयुर्वेद और होमियोपैथी काफी लोकप्रिय हैं लेकिन जैसी व्यवस्थित संरचना और प्रक्रिया होनी चाहिए थी, वह नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत में अभी 248 होमियोपैथी कॉलेज हैं जिनमें करीब 19 हजार स्नातक और एक हजार से अधिक स्नातकोत्तर सीटें हैं। इसके अलावा देश में करीब 2.46 लाख रजिस्टर्ड डॉक्टर हैं।

उन्होंने कहा कि 1973 के कानून के अनुसार परिषद का गठन किया गया था लेकिन उनमें अनियमितताएं और समस्याएं थीं। उन कमियों को दूर करने के लिए मौजूदा विधेयक लाया गया है।

वह होमियोपैथी केंद्रीय परिषद (संशोधन) विधेयक, 2020 और भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद (संशोधन) विधेयक, 2020 पर एक साथ हुयी चर्चा में भाग ले रहे थे।

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