विदेश की खबरें | इजराइल के हमलों में मारे गए ईरानी सैन्य कमांडरों, वैज्ञानिकों को हजारों लोगों ने दी अंतिम विदाई
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

राजधानी तेहरान की आजादी स्ट्रीट पर ट्रकों पर रखे ताबूतों में रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रमुख जनरल हुसैन सलामी, बैलिएस्टिक मिसाइल कार्यक्रम के प्रमुख जनरल आमिर अली हाजीजादेह और अन्य अधिकारियों को अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान सड़क किनारे खड़े लोगों ने ‘'अमेरिका मुर्दाबाद" और 'इजराइल मुर्दाबाद' के नारे लगाए।

जनरल सलामी और हाजीजादेह दोनों 13 जून, यानी युद्ध के पहले दिन ही मारे गए थे, जब इजराइल ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को नष्ट करने के उद्देश्य से व्यापक सैन्य अभियान शुरू किया था। इस अभियान में सैन्य कमांडरों, वैज्ञानिकों और परमाणु प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया।

शव यात्रा के टेलीविजन प्रसारण में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई नजर नहीं आए। वह आमतौर पर ऐसे जनाजों में शामिल हुआ करते हैं। लेकिन इस युद्ध की शुरुआत के पहले से ही वह सार्वजनिक कार्यक्रमों में दिखाई नहीं दिए हैं।

ईरानी सरकारी टेलीविजन के अनुसार, इस शव यात्रा में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची, रिवोल्यूशनरी गार्ड की विदेशी शाखा कुद्स फोर्स के प्रमुख जनरल इस्माइल कानी और खामेनेई के सलाहकार जनरल अली शामखानी भी शामिल हुए।

शामखानी इजराइल के पहले हमले में घायल हुए थे।

सरकारी टेलीविजन के टेलीग्राम चैनल पर प्रसारित एक वीडियो में शामखानी को छड़ी के सहारे चलते देखा गया।

ईरान के सरकारी टेलीविजन चैनल के मुताबिक, शनिवार को कुल 60 लोगों का अंतिम संस्कार किया गया, जिनमें चार महिलाएं और चार बच्चे भी शामिल थे।

अधिकारियों ने अंत्येष्टि कार्यक्रम में सरकारी कर्मचारियों के शामिल होने के लिए सरकारी कार्यालय बंद रखे।

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