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Republic Day 2026: कौन फहराएगा कर्तव्य पथ पर तिरंगा? जानें क्या है संवैधानिक परंपरा और इस बार के कार्यक्रम का पूरा शेड्यूल

भारत 26 जनवरी 2026 को अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहा है. रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ध्वजारोहण करेंगी. जानें इस परंपरा के पीछे का संवैधानिक कारण और परेड का विस्तृत कार्यक्रम.

Republic Day 2026: कौन फहराएगा कर्तव्य पथ पर तिरंगा? जानें क्या है संवैधानिक परंपरा और इस बार के कार्यक्रम का पूरा शेड्यूल
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (Photo Credits: X/@PIB_India)

Republic Day 2026: भारत सोमवार, 26 जनवरी 2026 को अपना 77वां गणतंत्र दिवस (77th Republic Day) मनाने की तैयारियों में जुटा है. रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस ऐतिहासिक अवसर पर नई दिल्ली के कर्तव्य पथ (Kartavya Path) पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Droupadi Murmu) राष्ट्रीय ध्वज (National Flag) फहराएंगी. यह समारोह भारतीय संविधान के लागू होने की वर्षगांठ का प्रतीक है. तिरंगा फहराने के बाद राष्ट्रपति को पारंपरिक '21 तोपों की सलामी' दी जाएगी, जिसके साथ ही सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करने वाली भव्य गणतंत्र दिवस परेड (Republic Day Parade) का आधिकारिक शुभारंभ होगा. यह भी पढ़ें: Republic Day 2026: 26 जनवरी को भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाएगा या 78वां? जानें इस बार क्या होगा खास?

क्या है संवैधानिक परंपरा?

भारतीय प्रोटोकॉल के अनुसार, गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण का सम्मान देश के राष्ट्रपति को मिलता है. यह स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) से अलग है, जहां प्रधानमंत्री लाल किले पर झंडा फहराते हैं.

इस अंतर का मुख्य कारण संवैधानिक भूमिकाएं हैं. राष्ट्रपति, 'देश के प्रमुख' (Head of State) होने के नाते, 26 जनवरी को गणराज्य और उसके संविधान का प्रतिनिधित्व करते हैं. वहीं, प्रधानमंत्री 'सरकार के प्रमुख' (Head of Government) के रूप में 15 अगस्त को औपनिवेशिक शासन से संप्रभुता की ओर राजनीतिक परिवर्तन का नेतृत्व करते हैं.

समारोह के मुख्य आकर्षण

2026 के गणतंत्र दिवस समारोह में कई विशेष विशेषताएं देखने को मिलेंगी:

  • स्वदेशी सलामी: 'आत्मनिर्भर भारत' पहल के तहत, ब्रिटिश काल की पुरानी बंदूकों की जगह स्वदेशी 105mm इंडियन फील्ड गन का उपयोग 21 तोपों की सलामी के लिए किया जाएगा.
  • पुष्प वर्षा: राष्ट्रगान के तुरंत बाद भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टर दर्शकों और मार्चिंग टुकड़ियों पर फूलों की पंखुड़ियों की वर्षा करेंगे.
  • विशेष अतिथि: इस बार यूरोपीय संघ (EU) के दो शीर्ष नेता—यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन—एक साथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे.

26 जनवरी सुबह का पूरा शेड्यूल (Timeline)

गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम एक सटीक मिनट-दर-मिनट प्रोटोकॉल का पालन करते हैं:

प्रसारण और आम जनता के लिए निर्देश

जो लोग व्यक्तिगत रूप से कर्तव्य पथ पर उपस्थित नहीं हो सकते, उनके लिए सरकार ने व्यापक डिजिटल कवरेज की व्यवस्था की है. परेड का सीधा प्रसारण दूरदर्शन (DD) के सभी चैनलों और राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) व पीआईबी के आधिकारिक यूट्यूब चैनलों पर किया जाएगा.

ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, परेड के दौरान विजय चौक से इंडिया गेट के बीच सामान्य यातायात प्रतिबंधित रहेगा. यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे दिल्ली मेट्रो का उपयोग करें, हालांकि उद्योग भवन और केंद्रीय सचिवालय जैसे कुछ स्टेशनों पर सुरक्षा कारणों से प्रवेश/निकास प्रतिबंधित हो सकता है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 20, 2026 06:37 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).