इंदौर, आठ अक्टूबर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बृहस्पतिवार को कहा कि इंदौर के पूर्व होलकर शासकों की देश भर में फैली 246 परमार्थिक संपत्तियां अब आम लोगों की हैं और राज्य सरकार इन पर अवैध कब्जा हर्गिज नहीं होने देगी।
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के अहम फैसले में राज्य सरकार को इन संपत्तियों की स्वत्वधारी (टाइटलहोल्डर) करार दिए जाने के तीन दिन बाद मुख्यमंत्री ने यह बात कही।
चौहान ने यहां भाजपा कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में कहा, "हमने तय किया है कि हम खासगी ट्रस्ट (पूर्व होलकर शासकों की परमार्थिक संपत्तियों की देख-रेख करने वाला न्यास) की हजारों करोड़ रुपये की परमार्थिक संपत्तियों को किसी भी कीमत पर खुर्द-बुर्द नहीं होने देंगे। ये संपत्तियां अब जनता की हैं।"
उन्होंने बताया कि प्रदेश के राजस्व विभाग का विशेष दल खासगी ट्रस्ट की देश भर में फैली परमार्थिक संपत्तियों को सरकारी कब्जे में लाएगा और इन्हें इनके मूल स्वरूप में सहेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि इन संपत्तियों पर अगर अवैध निर्माण किए गए हैं, तो इन्हें हटवाया जाएगा।
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मुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस का आर्थिक अपराध अनुसंधान दस्ता (ईओडब्ल्यू) खासगी ट्रस्ट की परमार्थिक संपत्तियों की अवैध खरीद-फरोख्त और इन्हें खुर्द-बुर्द करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाएगा।
इंदौर के सांवेर विधानसभा क्षेत्र में आगामी उपचुनाव को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन भी मौजूद थीं। महाजन ने इंदौर क्षेत्र की सांसद रहने के दौरान वर्ष 2012 में चौहान को पत्र लिखकर शिकायत की थी कि खासगी ट्रस्ट की संपत्तियों में शामिल हरिद्वार स्थित कुशावर्त घाट को कथित तौर पर अवैध रूप से बेच दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने इस चिट्ठी के लिए महाजन की सराहना करते हुए बताया कि इसी पत्राचार के बाद प्रशासन को खासगी ट्रस्ट की परमार्थिक संपत्तियों को लेकर जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए थे।
गौरतलब है कि उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ ने सोमवार को अहम फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार को पूर्व होलकर शासकों की देश भर में फैली 246 परमार्थिक संपत्तियों की स्वत्वधारी (टाइटलहोल्डर) करार दिया था। अदालत ने इन मिल्कियतों को लेकर अलग-अलग वित्तीय गड़बड़ियों के आरोपों की जांच का आदेश भी दिया था जिनमें इनकी अवैध बिक्री शामिल है।
देश की आजादी के बाद रियासतकाल की समाप्ति पर पूर्व होलकर शासकों की परमार्थिक संपत्तियों के रख-रखाव के लिए खासगी ट्रस्ट का गठन किया गया था।
खासगी ट्रस्ट की 246 संपत्तियों में 138 मंदिर, 18 धर्मशालाएं, 34 घाट, 12 छतरियां, 24 बगीचे, कुछ कुंड आदि शामिल हैं। धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाली ये संपत्तियां मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड और देश के अन्य राज्यों में हैं।
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