देश की खबरें | यह समय असहमतियों का नहीं, अस्पतालों को लेकर उप राज्यपाल का फैसला होगा लागू: केजरीवाल
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार ‘केंद्र के फैसले’ और उप राज्यपाल अनिल बैजल के दिल्ली में सरकारी और निजी अस्पतालों को सिर्फ दिल्ली के लोगों के लिए आरक्षित नहीं होने के आदेश को लागू करेगी क्योंकि यह समय ‘असहमति और बहस’ का नहीं है।
नयी दिल्ली, 10 जून दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार ‘केंद्र के फैसले’ और उप राज्यपाल अनिल बैजल के दिल्ली में सरकारी और निजी अस्पतालों को सिर्फ दिल्ली के लोगों के लिए आरक्षित नहीं होने के आदेश को लागू करेगी क्योंकि यह समय ‘असहमति और बहस’ का नहीं है।
ऑनलाइन एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के सामने ‘अप्रत्याशित चुनौतियां’ हैं क्योंकि आंकड़ें यह दिखा रहे हैं कि दिल्ली में आने वाले दिनों में कोविड-19 के मामले तेजी से बढ़ेंगे।
यह भी पढ़े | EPF Withdrawal: ईपीएफओ ने दावों को फटाफट निपटाने के लिए किया AI टूल लॉन्च.
केजरीवाल ने कहा कि अन्य राज्यों से जैसे ही लोग इलाज के लिए दिल्ली आना शुरू करेंगे दिल्ली को 31 जुलाई तक 1.5 लाख बिस्तरों की जरूरत पड़ेगी। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार सभी को इलाज मुहैया कराने के लिए ‘ ईमानदार प्रयास’ करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1.5 लाख बिस्तरों में से ऐसा अनुमान है कि 80,000 बिस्तरों की जरूरत दिल्ली के लोगों को होगी। उन्होंने कहा कि यह गणना इस पर आधारित है कि कोरोना वायरस महामारी से पहले यहां के अस्पतालों में 50 फीसदी बिस्तर दूसरे राज्यों के मरीजों से भरे थे।
केजरीवाल ने कहा कि कुछ लोग टीवी चैनलों पर कह रहे हैं कि केंद्र और उप राज्यपाल के पास दिल्ली की चुनी हुई सरकार के फैसले को पलटने का अधिकारी नहीं हैं, जो भारी बहुमत से जीतकर आई है।
उन्होंने कहा, ‘‘ हालांकि हम केंद्र के फैसले और उप राज्यपाल के आदेश को पूरी भावना के साथ लागू करेंगे क्योंकि यह समय असहमति और बहस का नहीं है। मैं सरकार और राजनीतिक पार्टियों में बैठे लोगों को यह संदेश देता हूं कि यह लागू होगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ यह समय राजनीति करने का नहीं है। हम सभी को साथ मिलकर लड़ना होगा और कोविड-19 को हराना होगा।’’
केजरीवाल ने कहा कि आने वाले दिनों में वह खुद होटलों और भोज स्थलों को स्वास्थ्य सुविधा में बदलने की तैयारी की निगरानी के लिए बाहर निकलेंगे।
मंगलवार को उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा था कि दिल्ली में कोविड-19 के मामले बढ़ेंगे और जुलाई अंत तक यह 5.5 लाख तक पहुंच जाएंगे।
संवाददाता सम्मेलन में केजरीवाल ने अन्य राज्य सरकारों से आग्रह किया है कि वे अपने चिकित्सा ढांचे को मजबूत करें ताकि लोगों को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली आने की जरूरत न पड़े।
मुख्यमंत्री ने दिल्ली के लोगों से अपील की कि वह तीन चीजों ‘मास्क पहनना, सामाजिक दूरी का पालन करना और हाथ धोने’ को ‘बड़े आंदोलन’ का हिस्सा बनाएं।
उन्होंने कहा, ‘‘ कोविड-19 के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हमें खुद को बचाना है। अगर कोई इन तीन नियमों का पालन नहीं कर रहा है तो हमें उनसे हाथ जोड़कर विनती करनी होगी कि कृप्या यह सारी चीजें करें जैसा कि आपने सम-विषम में किया था।’’
केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में अब तक 31,000 मामले आए हैं जिनमें से 18,000 लोगों का उपचार चल रहा है। करीब 15,000 मरीजों का इलाज घर में ही पृथकवास में हो रहा है।
मुख्यमंत्री के अनुसार पिछले आठ दिनों में करीब 1,900 कोविड-19 मरीजों को बिस्तर मिला है और 4,200 बिस्तर खाली हैं। यह दावा ऐसे समय में आया है जब लोग अस्पतालों में बिस्तरों की कमी की शिकायतें कर रहे हैं।
उन्होंने तंत्र में खामियों को उजागर करने के लिए मीडिया का शुक्रिया अदा किया और आग्रह किया कि मीडिया ऐसा करना जारी रखे।
बुखार और गले में खराश की शिकायत के बाद केजरीवाल मंगलवार तक खुद को पृथक रखे हुए थे। उन्होंने जल्द स्वस्थ होने के लिए लोगों की शुभकामनाओं के लिए शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि वह अब अच्छा महसूस कर रहे हैं। मुख्यमंत्री की कोविड-19 जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 10, 2020 04:50 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

