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यह एक अप्रत्याशित संकट, आईएमएफ से हो रही मदद की भारी मांग: जॉर्जीवा

उन्होंने कहा, ‘‘यह एक ऐसा संकट है जो पहले कभी नहीं देखा गया।’’

यह एक अप्रत्याशित संकट, आईएमएफ से हो रही मदद की भारी मांग: जॉर्जीवा

उन्होंने विश्वबैंक के साथ सालाना ग्रीष्मकालीन बैठक की शुरुआत पर एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि आईएमएफ मदद की मांग को पूरा करने के लिये एक हजार अरब डॉलर की पूरी क्षमता के कर्ज वितरित करने के लिये प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह एक ऐसा संकट है जो पहले कभी नहीं देखा गया।’’

जॉर्जीवा ने फिर से दोहराया कि इस महामारी के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था 1930 दशक की महान आर्थिक मंदी के बाद के सबसे बड़े संकट से गुजर रही है।

आईएमएफ प्रमुख और विश्वबैंक के अध्यक्ष डेविड मालपास दोनों ने जी20 देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गर्वनरों द्वारा गरीब देशों के लिये कर्ज की किस्तों की देनदारी निलंबित करने के निर्णय की सराहना की।

आईएमएफ के नये आकलन के अनुसार, इस महामारी के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था में तीन प्रतिशत की गिरावट आ सकती है। वैश्विक वित्तीय संकट के दौरान 2009 में वैश्विक अर्थव्यवस्था में 0.1 प्रतिशत की गिरावट आयी थी।

जॉर्जीवा ने कहा कि आईएमएफ पहले ही आपातकालीन मदद कार्यक्रमों को 50 करोड़ डॉलर से बढ़ा कर 100 करोड़ डॉलर कर चुका है। उन्होंने कहा कि आईएमएफ इसके साथ ही इस बात की भी तैयारी कर रहा है कि जैसे ही अर्थव्यवस्थाएं इस संकट से उबरना शुरू करें, उनकी गतिविधियां पुन: शुरू की जा सकें।

उन्होंने कहा, ‘‘हमें इस बारे में भी सोचने की जरूरत है कि इस संकट के दूसरे छोर पर हमें किन संकटों का सामना करना पड़ सकता है।’’

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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 16, 2020 11:25 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).