देश की खबरें | टीटीडी में गैर-हिंदुओं को मंदिर की धार्मिक गतिविधियों से रोकने पर कोई पुनर्विचार नहीं होगा : लोकेश

नयी दिल्ली, पांच फरवरी तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) नेता नारा लोकेश ने बुधवार को कहा कि तिरुपति मंदिर बोर्ड के गैर-हिंदू कर्मचारियों को प्रबंधन निकाय की धार्मिक गतिविधियों से रोकने के फैसले पर कोई दोबारा विचार नहीं किया जाएगा, क्योंकि यह आंध्र प्रदेश में पार्टी की सरकार का रुख है।

तेदेपा महासचिव और मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के बेटे लोकेश ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में भाजपा को अपनी पार्टी के पूर्ण समर्थन की पुष्टि की और कहा कि तेदेपा पूरी तरह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ है।

तिरुपति में श्री वेंकटेश्वर मंदिर का प्रबंधन करने वाले तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के गैर-हिंदू कर्मचारियों से संबंधित निर्णय के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘इस बारे में अडिग हैं। हमने चुनावों से पहले इस बारे में बात की थी और हम इस पर कायम हैं। हम इसे तार्किक निष्कर्ष तक ले जाएंगे।’’

राज्य सरकार के मंत्री ने कहा, ‘‘मैं स्पष्ट करना चाहता हूं। इसमें धार्मिक भावनाएं शामिल हैं।’’

उन्होंने अपनी बात रखने के लिए हिंदुओं को मस्जिद में काम करने की अनुमति नहीं दिए जाने का उदाहरण दिया। लोकेश ने कहा कि अगर इस फैसले को लेकर कोई कानूनी चुनौती आती है तो सरकार उसका मुकाबला करेगी।

एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि टीटीडी के 18 कर्मचारी गैर-हिंदू धर्मों के अनुयायी बताए जाते हैं और मंदिर निकाय द्वारा आयोजित सभी धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों में उनके भाग लेने पर रोक लगा दी गई है।

टीडीपी ने पूर्ववर्ती वाईएसआर कांग्रेस सरकार पर गैर-हिंदुओं को इस निकाय में नियुक्त करने और हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया है।

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