नयी दिल्ली, 11 मार्च केंद्र सरकार ने मंगलवार को कहा कि देश में प्रस्तावित त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय में छात्रों को क्षेत्रीय ओं समेत सभी ओं में पढ़ने का अवसर मिलेगा।
केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल ने लोकसभा में द्रमुक सांसद डीएम काथिर आनंद के पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए यह जानकारी दी।
उन्होंने सदन को बताया कि इस विश्वविद्यालय में न केवल नए लोगों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, बल्कि सहकारी क्षेत्र में काम करने वाले लोगों का कौशल विकास भी किया जाएगा।
कृष्णपाल ने बताया कि त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय सहकारी क्षेत्र में कर्मचारियों के दक्षता विकास के मुद्दे पर भी ध्यान केंद्रित करेगा।
सरकार ने गत तीन फरवरी को लोकसभा में त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय विधेयक प्रस्तुत किया था।
इस विधेयक में सहकारी समितियों में प्रबंधकीय, पर्यवेक्षी, प्रशासनिक, तकनीकी, परिचालन में योग्यता प्राप्त कुशल श्रम शक्ति के लिए राष्ट्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना का प्रावधान है।
इसके तहत गुजरात के आणंद में ग्रामीण प्रबंधन संस्थान को त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय के रूप में स्थापित करने और उसे राष्ट्रीय महत्व की संस्था घोषित करने का प्रावधान है।
केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने पिछले दिनों सहकारिता मंत्रालय की संसदीय सलाहकार समिति की पहली बैठक में कहा था कि त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय की स्थापना के प्रावधान वाले विधेयक को जल्द ही संसद में पारित किया जाएगा।
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