सूरी (प बंगाल), एक नवंबर पश्चिम बंगाल बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने बीरभूम जिले में पुलिस हिरासत में 15 वर्षीय एक किशोर की मौत की “उचित” जांच कराने की रविवार को मांग की।
आयोग ने यह जानकारी दी।
आयोग की अध्यक्ष अनन्या चक्रवर्ती के नेतृत्व में एक दल ने मृतक के परिजनों से शनिवार को तथा बीरभूम के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से रविवार को मुलाकात की।
चक्रवर्ती ने कहा, “पुलिस ने हमें बताया कि पोस्ट मार्टम रिपोर्ट के मुताबिक यह आत्महत्या का मामला है। लेकिन हमने मामले को गंभीरता से लिया है और उचित जांच की मांग की है।”
उन्होंने कहा, “लड़के को बच्चों के लिए अनुकूल कमरे में रखा गया था न कि मल्लारपुर पुलिस थाने के लॉकअप में। हमें बताया गया कि लड़के ने बृहस्पतिवार रात को आत्महत्या के लिए तार के टुकड़े का प्रयोग किया जो कमरे में मौजूद एक साउंड सिस्टम (इलेक्ट्रॉनिक उपकरण) में लगा था।”
पुलिस अधीक्षक श्याम सिंह ने कहा कि आयोग की अध्यक्ष को आवश्यक दस्तावेज सौंप दिए गए हैं।
भाजपा का आरोप है कि पुलिस ने लड़के की पीट-पीट कर इसलिए हत्या कर दी क्योंकि उसके माता पिता भाजपा के समर्थक हैं।
पार्टी ने किशोर की मौत के विरोध में प्रदर्शन करने के लिए क्षेत्र में 12 घंटे का बंद बुलाया था।
भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सौमित्र खान ने आरोप लगाया कि किशोर पर मोबाइल चुराने का आरोप था और “सुरक्षा कर्मियों द्वारा पुलिस थाने के एक कमरे में लटका कर उसकी हत्या कर दी गई।”
खान ने कहा कि उन सुरक्षा कर्मियों को अब सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस बचाने का प्रयास कर रही है।
खान ने कहा, “हम लोग तब तक शांति से नहीं बैठेंगे जब तक दोषी पुलिसकर्मियों का पता नहीं चल जाता और उनके विरुद्ध कार्रवाई नहीं की जाती। हम दो, तीन, चार नवंबर को प्रत्येक पुलिस थाने के सामने प्रदर्शन करेंगे।”
हालांकि मृतक के पिता का कहना है कि वह तृणमूल कांग्रेस का समर्थक है और उसके बेटे ने आत्महत्या की है।
पुलिस ने कहा है कि घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि लड़के को बृहस्पतिवार दोपहर को चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
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