नयी दिल्ली, 12 जुलाई दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) द्वारा शनिवार को उत्तरी दिल्ली के मजनू का टीला में नियोजित ध्वस्तीकरण अभियान को आगे बढ़ाने की योजना नहीं है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
इसके लिए कोई तात्कालिक कारण नहीं बताया गया है।
डीडीए ने बृहस्पतिवार को कहा था कि वह शनिवार और रविवार को इलाके में ध्वस्तीकरण अभियान चलाएगा।
मजनू का टीला के निवासियों ने कहा कि उन्हें बृहस्पतिवार देर शाम भूमि स्वामित्व एजेंसी से नोटिस मिला। वहां पाकिस्तान से आए हिंदू रह रहे हैं।
डीडीए ने बृहस्पतिवार को एक नोटिस जारी कर आसपास के निवासियों से शुक्रवार तक इलाका खाली करने को कहा था।
नोटिस में इस कदम के पीछे राष्ट्रीय हरित अधिकरण के तीन अप्रैल के आदेश और दिल्ली उच्च न्यायालय के 12 मार्च के आदेश का हवाला दिया गया है।
इसमें कहा गया है कि आदेश के अनुपालन में शनिवार और रविवार को गुरुद्वारा मजनू का टीला (पश्चिमी तट) के दक्षिण यमुना नदी के पास अतिक्रमण के खिलाफ ध्वस्तीकरण अभियान चलाने का प्रस्ताव है।
इसमें कहा गया है कि प्रभावित परिवार दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डीयूएसआईबी) के आश्रयों में अस्थायी रूप से शरण ले सकते हैं।
लोकसभा चुनाव से पहले मजनू का टीला में रहने वाले कुछ शरणार्थियों को संशोधित नागरिकता अधिनियम के तहत नागरिकता प्रमाण पत्र दिए गए थे।
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