देश की खबरें | आपसी सहमति से अंतरधार्मिक विवाह पर प्रतिबंध नहीं : एनसीएम प्रमुख

नयी दिल्ली, चार मई राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (एनसीएम) ने बुधवार को अंतरधार्मिक विवाह के कुछ मामलों में ‘लव जिहाद’ शब्द के इस्तेमाल पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि विवाह की कानूनी उम्र हासिल करने के बाद परस्पर सहमति से दो भिन्न मजहब के लड़के-लड़कियों के वैवाहिक बंधन में बंधने पर कोई प्रतिबंध नहीं है।

आयोग के अध्यक्ष इकबाल सिंह लालपुरा ने एक संवाददाता सम्मेलन में पूछे गये प्रश्नों का उत्तर देते हुए, हालांकि यह भी कहा कि आयोग को पहले कुछ शिकायतें भी मिली हैं, जिनमें माता-पिताओं ने आरोप लगाया है कि उनकी संतान को अंतरधार्मिक शादी के लिए गुमराह किया गया था।

उन्होंने कहा कि इनमें से कई शिकायतें बाद में सही पाई गयी थीं। उन्होंने कहा, ‘‘हमने संबंधित राज्यों को न्याय सुनिश्चित करने को कहा है।’’

केरल और देश के अन्य हिस्सों में ‘लव जिहाद’ के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी के अभियान पर उनकी टिप्पणी मांगे जाने पर लालपुरा ने कहा, ‘‘लव जिहाद क्या है? मुझे किसी भी शब्दकोष में यह शब्द नहीं मिला।’’

लालपुरा ने कहा, ‘‘मैंने किसी खास समुदाय द्वारा ‘लव जिहाद’ पर कोई शिकायत नहीं देखी है। मैं भाजपा का प्रतिनिधि या प्रवक्ता नहीं हूं। केवल वही (भाजपा) आपको (लव जिहाद के बारे में) बता सकते हैं।’’

उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी पसंद के व्यक्ति से शादी करने का अधिकार है। उन्होंने कहा, ‘‘यदि प्रेमी युगल परस्पर सहमति से शादी करते हैं तो अंतरधार्मिक विवाह पर कोई प्रतिबंध नहीं है।’’

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