कॉलेज पार्क/अटलांटा (अमेरका), पांच जून (द कन्वरसेशन) अक्सर आनुवंशिक चोरी की कहानियां या इससे बचने के लिए बरती जाने वाली अत्यधिक सावधानियां सुर्खियां बनती हैं। रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की एक तस्वीर सुर्खियों में आयी जिसमें दोनों नेता एक लंबी मेज के दो छोर पर बैठे थे क्योंकि मैक्रों ने रूसी पीसीआर कोविड जांच कराने से इंकार कर दिया था ।
इस तरह के कयास लगाए जा रहे थे कि मैक्रों ने सुरक्षा चिंताओं के कारण जांच कराने से मना किया था । उनकी चिंता थी कि रूस उनका नमूना लेकर उनका डीएनए भी हासिल कर लेगा जिसका इस्तेमाल गलत मकसद के लिए किया जा सकता है। जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज ने भी रूस में कोरोना वायरस की पीसीआर जांच कराने से इनकार कर दिया था।
हालांकि यह चिंतायें भले ही नई लग रही हों, लेकिन पोप स्टार मैडोना ने एक दशक से अधिक समय पहले बिना सहमति के, चुपके से डीएनए लेने और उसकी जांच को लेकर चिंता व्यक्त कर दी थी। उन्होंने संगीत समारोह के बाद कमरों को साफ करने के लिए कर्मचारी रखे हुए थे और उन्हें अपने हर दौरे के लिए शौचालय की नई सीट चाहिए होती थी ताकि उनके डीएनए को हासिल नहीं किया जा सके।
पहले तो डीएनए को लेकर चिंता पर मैडोना का उपहास उड़ाया गया था। लेकिन जैसे-जैसे अधिक उन्नत, तेज और सस्ती आनुवंशिक प्रौद्योगिकियां उपभोक्ता के हाथ में पहुंची हैं, ये चिंताएं न केवल तर्कसंगत हैं, बल्कि उचित भी हैं।
हम कानून के प्रोफेसर हैं जो अध्ययन करते हैं कि आनुवंशिक अनुक्रमण जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों को कैसे नियंत्रित किया जाता है। हम मानते हैं कि आनुवंशिकी में बढ़ती जन रुचि ने इस संभावना को बढ़ा दिया है कि डीएनए संग्रह किट जल्द ही इतनी आम हो सकती है जितने कि कैमरे हैं।
ज्यादातर अदालतें गुप्त डीएनए संग्रह और जानी मानी हस्तियों के डीएनए परीक्षण की जटिलताओं से बचने में कामयाब रही हैं, वे इससे अधिक समय तक नहीं बच पाएंगी।
आनुवंशिक जानकारी कोष
आप जहां भी जाते हैं वहां अपना डीएनए छोड़कर आते हैं। यह बाल में, नाखून में, मृत त्वाचा में और राल में होता है।
आनुवंशिक विश्लेषण न केवल व्यक्तिगत जानकारी, जैसे मौजूदा स्वास्थ्य स्थितियों या कुछ बीमारियों के होने के जोखिम को प्रकट कर सकता है, बल्कि किसी व्यक्ति की पहचान के मुख्य पहलुओं, जैसे कि उनके वंश और उनके भविष्य के बच्चों के संभावित लक्षण भी प्रकट कर सकते हैं।
इसके अलावा, जैसे-जैसे आनुवंशिक प्रौद्योगिकियां विकसित हो रही हैं, वैसे-वैसे इन ‘विट्रो गैमेटोजेनेसिस’ के माध्यम से प्रजनन उद्देश्यों के लिए गुप्त रूप से एकत्रित आनुवंशिक सामग्री का उपयोग करने की भी आशंका है।
किसी व्यक्ति की आनुवंशिक सामग्री और जानकारी को उनकी सहमति के बिना लेना कानूनी क्षेत्र में घुसपैठ है।
इसके बावजूद, व्यक्तियों की आनुवंशिक सामग्री और जानकारी के संबंध में उनके हितों की रक्षा करने वाले कुछ कानून भी हैं।
मौजूदा कानूनी ढांचे
जब जानी-मानी हस्तियों के आनुवंशिक चोरी से जुड़े विवाद अदालत कक्ष में पहुंचेंगे, तो न्यायाधीशों को इन मौलिक प्रश्नों का सामना करना होगा कि कैसे आनुवंशिकी व्यक्तित्व और पहचान, संपत्ति, स्वास्थ्य और बीमारी, बौद्धिक संपदा और प्रजनन अधिकारों से संबंधित है।
कानून प्रवर्तन में आनुवंशिकी के उपयोग, डीएनए को पेटेंट कराना और छोड़ी गई आनुवंशिक सामग्री के स्वामित्व से जुड़े मामलों में इस तरह के प्रश्न पहले ही उठाए जा चुके हैं।
इनमें से प्रत्येक मामले में, अदालतों ने आनुवंशिकी के केवल एक आयाम पर ध्यान केंद्रित किया है जो गोपनीयता का अधिकार या जैव चिकित्सा अनुसंधान के लिए आनुवंशिक जानकारी का मूल्य है।
भविष्य क्या हो सकता है
मौजूदा कानूनों और आनुवंशिक प्रौद्योगिकी की वर्तमान स्थिति के तहत, अधिकांश लोगों को गुप्त रूप से डीएनए लिए जाने और उनके उपयोग के बारे में उस तरह से चिंता करने की जरूरत नहीं है जिस तरह से जानी-मानी हस्तियां चिंतित है।
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