देश की खबरें | तेलंगाना में ऐतिहासिक सचिवालय को तोड़ने का काम शुरू

हैदराबाद, सात जुलाई तेलंगाना में के चंद्रशेखर राव नीत सरकार ने हैदराबाद में स्थित पुराने सचिवालय की इमारत तोड़ने का काम मंगलवार को शुरू कर दिया। यह सचिवालय कई ऐतिहासिक पलों और कई सरकारों के बनने और गिरने का गवाह रहा है।

इस सचिवालय की जगह नए सचिवालय परिसर के निर्माण को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं को तेलंगाना उच्च न्यायालय ने कुछ दिन पहले ही खारिज कर दिया जिसके बाद इमारत को तोड़ने का काम शुरू हो गया।

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आधिकारिक सूत्रों ने बताया, ‘‘ सचिवालय की इमारत ढहाने का कार्य मंगलवार तड़के शुरू हुआ और यह आज चलेगा।’’

कांग्रेस और भाजपा समेत विपक्षी दलों ने ऐसे वक्त में इस परियोजना पर काम शुरू करने को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया जब कोविड-19 महामारी से निपटना उसकी तात्कालिक प्राथमिकता होनी चाहिए।

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हालांकि सतारूढ़ दल ने कहा कि उच्च न्यायालय से इस पर स्थगन हटने के बाद ढहाने का काम शुरू किया गया है और राज्य को एक सुनियोजित सचिवालय की जरूरत है।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने मंगलवार को ‘एकीकृत सचिवालय नई इमारत’ का डिजाइन जारी किया, यह नयी इमारत पुरानी इमारत के स्थान पर बनेगी। केसीआर कार्यालय से जानकारी मिली है कि राव इस डिजाइन को मंजूरी दे सकते हैं।

पिछले साल 27 जून को राव ने नए प्रशासनिक परिसर की आधारशिला रखी थी लेकिन इसके बाद इस निर्माण का विरोध करते हुए कई याचिकाएं उच्च न्यायालय में डाली गईं जिनमें कहा गया था कि इससे बेवजह राज्य के कोष पर बोझ पड़ेगा।

राज्य सरकार ने पहले ऐसे संकेत दिये थे कि इमारत के निर्माण में 400 करोड़ रुपये का खर्चा आएगा और यह एक अत्याधुनिक इमारत होगी। यह इमारत करीब चार लाख वर्गफुट में बनेगी।

सूत्रों के अनुसार नये सचिवालय में ‘वास्तु का पूरा’ पालन किया जाएगा।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एन उत्तम कुमार रेड्डी ने कहा कि इस परिसर में कई इमारतें आठ साल पहले ही बनी हैं और उनका इस्तेमाल अस्थायी रूप से कोविड-19 अस्पताल के रूप में किया जा सकता है।

उन्होंने दावा किया कि हैदराबाद में बेड और वेंटीलेटर समेत पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं अस्पतालों में उपलब्ध नहीं हैं।

भाजपा के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता के. कृष्णा सागर राव ने एक बयान में मंगलवार को कहा कि वैश्विक महामारी के बीच केसीआर की झूठी प्रतिष्ठा के लिए इस इमारत को तोड़े जाने का पार्टी कड़ा विरोध करती है।

उन्होंने कहा कि देश भर में मुख्यमंत्री जब अपने-अपने राज्यों में कोविड-19 मरीजों के इलाज के लिए ढांचा बनाने में व्यस्त हैं तब ऐसे में तेलंगाना के मुख्यमंत्री मौजूदा ढांचा गिराने में व्यस्त हैं। इस स्थान को कोविड-19 के हजारों मरीजों को रखे जाने में इस्तेमाल किया जा सकता था।

टीआरएस के पूर्व सांसद बी विनोद कुमार ने कहा कि महामारी एक मुद्दा है लेकिन सचिवालय की इमारत तोड़ने का काम इसलिए शुरू हुआ क्योंकि स्थगन आदेश हटा है।

जब उनसे महामारी के वक्त नये सचिवालय के निर्माण के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि निर्माण गतिविधि रूकी ही कहां हैं।

उन्होंने कहा कि राजग सरकार तो दिल्ली में सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट पर आगे बढ़ रही है।

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