विदेश की खबरें | यूक्रेन युद्ध की पृष्ठभूमि में अमेरिका ने हाइपरसोनिक हथियारों के विकास की गति तेज की

इन हथियारों को विकसित करने के मामले में अमेरिका का मुकाबला रूस और चीन से है। ये हथियार बैलिस्टिक मिसाइल की गति से बढ़ते हैं लेकिन इनकी फुर्ती की वजह से इन्हें मार गिरना मुश्किल होता है।

रूसी सेना का कहना है कि वह पहले ही हाइपसोनिक मिसाइलें विकसित कर चुकी है और उसने दावा किया कि यूक्रेन से लड़ाई के दौरान शनिवार को उसने इस श्रेणी की एक मिसाइल से लक्ष्य पर निशाना साधा है।

पेंटागन ने अब तक हाइपरसोनिक हथियार के इस्तेमाल की पुष्टि नहीं की है। हालांकि, अमेरिकी सेना इन हथियारों को विकसित करने की गति तेज कर रही है।

अमेरिकी हथियार को बैलिस्टिक मिसाइल की तरह प्रक्षेपित किया जाएगा और यह आवाज की गति से सात-आठ गुना अधिक गति से लक्ष्य को भेदने के लिए बढ़ेगा।

जनरल डायनामिक्स कंपनी की अनुषंगी बाथ आयरन वर्क्स ने तीन विध्वंसकों पर यह हथियार प्रणाली तैनात करने के लिए इंजीनियिंग और डिजाइन में आवश्यक बदलाव की खातिर कार्य शुरू कर दिया है। अमेरिकी नौसेना ने कहा कि यह काम अगले वित्त वर्ष में एक शिपयार्ड में शुरू होगा।

उल्लेखनीय है कि हाईपरसोनिक हथियार को ‘मैक पांच’ या आवाज की गति से पांच गुना अधिक रफ्तार से चलने वाली वस्तु के तौर पर परिभाषित किया गया है। यह गति करीब 3,800 मील प्रति घंटा है। अंतर महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलें इससे अधिक गति से मार कर सकती हैं लेकिन इनके रास्ते का पूर्वानुमान लगाया जा सकता है और इस प्रकार इन्हें रास्ते में ही नष्ट किया जा सकता है। नए हथियार रास्ते के मामले में परिवर्तनशील होते हैं।

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