इम्फाल, आठ फरवरी मणिपुर विधानसभा अध्यक्ष के अधिकरण ने नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के पांच विधायकों और जनता दल (यूनाइटेड) के एक विधायक के खिलाफ दायर अयोग्यता मामले में अपना फैसला शनिवार को सुरक्षित रख लिया।
कांग्रेस की मणिपुर इकाई के उपाध्यक्ष हरेश्वर गोस्वामी ने अधिकरण के समक्ष याचिका दायर कर कई विधायकों को विधानसभा की सदस्यता के लिए अयोग्य ठहराये जाने की मांग की थी।
अध्यक्ष थोकचोम सत्यब्रत सिंह ने दिन में मामलों की सुनवाई की।
वकील एन बी मेइती ने कहा, ‘‘मैं एनपीपी के चार विधायकों के खिलाफ अयोग्यता के मामलों में अपने मुवक्किल (गोस्वामी) की ओर से पेश हुआ। एनपीपी के खुरईजाम लोकेन सिंह और जद(यू) के अब्दुल नासिर के खिलाफ अयोग्यता के दो अन्य मामलों की भी आज सुनवाई हुई। अधिकरण ने सभी छह मामलों में फैसला सुरक्षित रख लिया।’’
एनपीपी के अन्य चार विधायक एम रामेश्वर सिंह, जे पामेई, इरेंगबाम नलिनी देवी और थोंगाम शांति सिंह हैं।
विधानसभा अध्यक्ष ने निर्देश दिया कि यदि कोई पक्ष इस मामले में कोई लिखित जवाब देना चाहता है तो वह रविवार अपराह्न एक बजे से पहले इसे दाखिल कर दे।
एनपीपी विधायकों ने पिछले साल नवंबर में मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह द्वारा बुलाई गई भाजपा विधायकों की बैठक में भाग लिया था। इससे कुछ ही दिन पहले उनकी पार्टी ने राज्य सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया था।
जिन जद(यू) विधायकों के खिलाफ अयोग्यता याचिका दायर की गई थी, वे 2022 में राज्य विधानसभा चुनाव जीतने के तुरंत बाद भाजपा में शामिल हो गए थे।
विधानसभा अध्यक्ष ने शुक्रवार को पांच जद(यू) विधायकों के खिलाफ भी फैसला सुरक्षित रख लिया था।
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