विदेश की खबरें | भारत और अमेरिका को जोड़ने वाली डोर गहरी और मजबूत है : संधू
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. भारत के एक शीर्ष राजदूत ने यहां कहा कि भारत और अमेरिका को जोड़ने वाली डोर बहुत गहरी और मजबूत है और दोनों देश अपने नागरिकों की जिंदगियां बेहतर एवं उज्ज्वल करने की लगातार कोशिश कर रहे हैं।
वाशिंगटन, छह अक्टूबर भारत के एक शीर्ष राजदूत ने यहां कहा कि भारत और अमेरिका को जोड़ने वाली डोर बहुत गहरी और मजबूत है और दोनों देश अपने नागरिकों की जिंदगियां बेहतर एवं उज्ज्वल करने की लगातार कोशिश कर रहे हैं।
अमेरिका में भारत के राजदूत तरनजीत संधू ने यहां हार्वर्ड विश्वविद्यालय में ‘किंग गांधी लेक्चर’ के अपने व्याख्यान में विद्यार्थियों से यह बात कही। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के संबंध लोकतंत्र, आजादी, अहिंसा और कानून के शासन जैसे मूल्यों पर बने हैं।
संधू ने कहा, “जो सूत्र भारत और अमेरिका को जोड़ते हैं, वे बहुत गहरे और मजबूत हैं। लोकतंत्र, आजादी, अहिंसा और कानून के शासन जैसे मूल्य जिसे हम संजोते-सहेजते हैं, वही मजबूत नींव है जिस पर भारत और अमेरिका के संबंधों की इमारत टिकी है।’’
उन्होंने कहा कि भारत को जब आजादी नहीं मिली थी तब आजादी की अलख जगाने वाले अनेक नेता जिनमें लाला लाजपत राय, सरोजनी नायडू, रवीन्द्र नाथ टैगोर, बी आर आंबेडबर शामिल हैं, वे हार्वर्ड सहित अमेरिका में कई विश्वविद्यालयों में आए थे।
भारतीय राजदूत ने कहा,‘‘ हमने एक दूसरे से विचार साझा किए और उन्हें आकार दिया। आप और मैं अपने-अपने संविधानों के प्रति निष्ठा रखते हैं, और दोनों संविधान ‘हम लोग....’ से शुरू होते हैं।’’
डॉ मार्टिन लूथर किंग जूनियर ने 1963 और 1966 में हार्वर्ड विश्वविद्यालय में गांधी स्मारक व्याख्यान दिया था। हार्वर्ड विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ रिलीजन के डीन वीलियम स्टूअर्ट नीलसन ने 1958 में ‘‘गांधी मेमोरियल लेक्चर’’ की शुरुआत की थी।
अपने संबोधन में संधू ने कहा कि हार्वर्ड की कहानी अमेरिका के इतिहास से करीब से जुड़ी हुई है। उन्होंने याद किया कि किस प्रकार से भारत और अमेरिका के नेता एक-दूसरे के विचारों से प्रभावित हुए और उसका असर दोनों देशों पर किस प्रकार पड़ा।
उन्होंने कहा कि अहिंसा के सिद्धांत, सच के प्रति समर्पण जैसीअवधारणाएं गांधी के कार्यों के अहम पहलू हैं। अपने संबोधन में उन्होंने रेखांकित किया कि कैसे गांधी जी के सिद्धांतों ने विकास और समृद्धि के भारत के दृष्टिकोण को आकार दिया।
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(The above story first appeared on LatestLY on Oct 06, 2021 09:58 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

