हैदराबाद, 10 फरवरी तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार ‘पोडू भूमि’ (स्थानांतरिक कृषि) के लिए पट्टा वितरित करने की प्रक्रिया इस महीने के अंत में शुरू करेगी।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा कि पात्र लाभार्थियों को ‘पट्टे’ केवल तभी सौंपे जाएंगे जब संबंधित ग्राम के सरपंचों, मंडल परिषद प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र (एमपीटीसी) के सदस्यों, जनजातियों के प्रतिनिधियों और सभी दलों के राजनीतिक नेताओं द्वारा लिखित में वचन दिया जाएगा कि जंगलों में पेड़ों की कटाई नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि अगर इस तरह का वचन दिया जाता है तो सरकार राज्य में 11.50 लाख एकड़ ‘पोडू भूमि’ वितरित करने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि लाभार्थियों को वनों के संरक्षक के रूप में कार्य करना चाहिए, इसलिए यदि पाया गया कि लाभार्थी वन को नुकसान पहुंचा रहे हैं तो उनका पट्टा रद्द कर दिया जाएग।
उन्होंने कहा कि जो जनजातीय लोग ‘पोडू’ भूमि के लिए ‘पट्टे’ के वितरण के बाद भी भूमिहीन बने रहेंगे और उनके पास आजीविका का साधन नहीं होगा, तो उन्हें राज्य सरकार की ‘दलित बंधु’ योजना (प्रति परिवार 10 लाख रुपये का अनुदान) की तर्ज पर ‘गिरिजन बंधु’ योजना का लाभ दिया जाएगा।
पोडू भूमि राज्य में एक विवादित मुद्दा है क्योंकि वन विभाग के कर्मी वन की रक्षा करते हैं, जबकि पोडू किसान जंगल की भूमि पर खेती करते हैं।
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