लखनऊ, 13 मार्च मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को बिना नाम लिए पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि असीमित संभावनाओं वाले उत्तर प्रदेश को कुछ लोगों ने ‘बीमारू’ राज्य बना रखा था।
आदित्यनाथ ने बुधवार को लोकभवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में यह बात कही।
एक बयान के अनुसार इस दौरान उन्होंने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उपक्रम (एमएसएमई) क्षेत्र के लिए 30,826 करोड़ रुपये का मेगा ऋण वितरण किया। साथ ही उन्नाव में स्वीकृत ‘प्लेज पार्क’ के विकासकर्ताओं को चेक वितरित किया। उन्होंने औद्योगिक आस्थानों में भूखंडों के आवंटन के लिए ऑनलाइन पोर्टल को भी जारी किया।
बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ‘ओडीओपी’ एवं ‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना’ के अंतर्गत टूलकिट भी वितरित की।
राज्य की राजधानी में एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) मंत्रालय के लिए मेगा ऋण वितरण कार्यक्रम में आदित्यनाथ ने कहा कि यह नये भारत का नया उत्तर प्रदेश है।
उन्होंने कहा, ‘‘इसे लेकर बनी पुरानी धारणा को हमने अपने सामर्थ्य से बदला है। आज हमारा हर सेक्टर सभी को उत्तर दे रहा है। उत्तर प्रदेश पहले भी असीमित संभावनाओं वाला राज्य था, मगर कुछ लोगों ने इसे बीमारू बना रखा था।’’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमने इसे राष्ट्र निर्माण के अभियान के साथ जोड़कर युवाओं और उद्यमियों के विकास के पथ पर अग्रसर किया है। आज इसका परिणाम देखने को मिल रहा है। उत्तर प्रदेश देश का अकेला राज्य है जहां युवा उद्यमियों को बिना ब्याज के पांच लाख रुपये का ऋण दिया जा रहा है।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि चीन के उत्पादों को सरकार ने अपने बाजार से बहुत दूर कर दिया है, यही एमएसएमई इकाइयों की ताकत का परिणाम है।
उन्होंने कहा, ‘‘इससे बड़ा राष्ट्रवाद क्या हो सकता है, अगर हमारे घर का उत्पाद मार्केट में छा रहा है तो हमें भी उसे प्रोत्साहित करना होगा, प्रेरित करके प्लेटफार्म उपलब्ध कराना होगा। ये कितनी खुशी की बात है कि हमारा उत्पाद मार्केट में छा रहा है और दुश्मन देश का उत्पाद बाजार से दूर होता जा रहा है।’’
आदित्यनाथ ने कहा कि आज दीपावली, विजया दशमी, ईद और क्रिसमस पर उत्तर प्रदेश के उत्पाद ही बाजार में देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा उत्पाद अच्छा तो होता ही है, साथ ही हमारे उद्यमियों और कारीगरों को भी लगता है कि उनका भविष्य उज्ज्वल है।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तेजी से प्रदेश चल रहा है उसमें थोड़ा और प्रयास कर दें तो आने वाले पांच साल में हमें एक हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने से कोई रोक नहीं सकता।
उन्होंने कहा कि हमें विनिर्माण क्षेत्र को और अधिक मजबूती प्रदान करनी होगी।
आदित्यनाथ ने कहा कि पहले निवेश राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में होता था; नोएडा, ग्रेटर नोएडा, मेरठ और हापुड़ में निवेश होता था, लेकिन अब उन्नाव, हरदोई जैसे छोटे जिलों में बड़ी मात्रा में निवेश हो रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह दिखाता है कि हमारे पास पहले भी संभावनायें थीं, मगर उसका उपयोग नहीं किया गया।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पास मजबूत एमएसएमई बेस है, सुरक्षा का माहौल है और पर्याप्त भूमि है, ऐसे में यहां बड़े उद्योग के लिए बेहतर माहौल बन चुका है। उन्होंने कहा कि इसकी झलक हमें उप्र ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के जरिए प्रदेश को प्राप्त हुए 40 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव में दिखती है।
इस अवसर पर प्रदेश सरकार में एमएसएमई मंत्री राकेश सचान, मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र, अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद, सचिव प्रांजल यादव, आयुक्त एवं निदेशक राजेश कुमार सहित विभागीय अधिकारी, उद्यमी और हस्तशिल्पी कारीगर मौजूद रहे।
जफर वैभव
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