गोंडा (उत्तर प्रदेश), 30 अगस्त मुठभेड़ में मारे जाने की आशंका से खौफजदा 20 हजार रुपए के इनामी एक बदमाश ने गोली नहीं मारने की अपील लिखी तख्ती गले में डालकर थाने में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।
पुलिस क्षेत्राधिकार नवीना शुक्ला ने बताया कि लूट के एक मामले में पिछले छह महीने से फरार 20 हजार रुपये के इनामी बदमाश अंकित वर्मा ने गले में तख्ती लटकाकर जिले के छपिया थाने में मंगलवार को आत्मसमर्पण कर दिया।
शुक्ला ने बताया कि छपिया थाना क्षेत्र के महुली खोरी गांव निवासी अमरजीत चौहान 20 फरवरी को मनकापुर स्थित एक कॉलेज में परीक्षा देने गया था। वहां से लौटते वक्त रास्ते में पिपरही पुल के पास मोटरसाइकिल से आए दो बदमाशों ने चौहान को रोक लिया और तमंचे से आतंकित करके उसकी मोटरसाइकिल मोबाइल फोन और बटुआ लूट कर भाग गए।
उन्होंने बताया कि चौहान की तहरीर पर स्थानीय थाने में दो अज्ञात बदमाशों के खिलाफ लूट व धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान अंकित वर्मा तथा एक अन्य बदमाश का नाम प्रकाश में आया था। दोनों की गिरफ्तारी पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
शुक्ला ने बताया कि मंगलवार को अंकित वर्मा गले में तख्ती डालकर छपिया थाने पहुंचा और जोर से आवाज देकर कहा, "मैं आत्मसमर्पण करने आया हूं, मुझे गोली मत मारो।" तख्ती पर भी उसने यही बात लिखी थी।
प्रभारी निरीक्षक सुरेश कुमार वर्मा ने अंकित वर्मा को गिरफ्तार करके अदालत रवाना किया।
इससे पहले भी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से पुलिस की कड़ी कार्रवाई के डर से वांछित अपराधियों के पुलिस स्टेशन जाकर आत्मसमर्पण करने की खबरें आई थीं।
विशेष पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने 'पीटीआई-' को बताया कि राज्य पुलिस अपराध और अपराधियों के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' के मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुरूप काम कर रही है।
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