जरुरी जानकारी | महंगाई के चलते नीतिगत दर रुख में बदलाव के सवाल का अभी कोई मतलब नहीं: दास
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नयी दिल्ली, 11 जुलाई भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकान्त दास ने बृहस्पतिवार को कहा कि मुद्रास्फीति की मौजूदा दर और उसे चार प्रतिशत पर लाने के लक्ष्य के बीच अंतर को देखते हुए नीतिगत दर पर रुख में बदलाव के सवाल का अभी कोई मतलब नहीं है।
दास ने समाचार चैनल सीएनबीसी-टीवी18 से विशेष बातचीत में कहा, ‘‘मुद्रास्फीति की मौजूदा दर और इसे चार प्रतिशत पर लाने के लक्ष्य के बीच अंतर को देखते हुए नीतिगत दर के मामले में रुख में बदलाव के सवाल का फिलहाल कोई मतलब नहीं है।...जब हम टिकाऊ आधार पर खुदरा महंगाई चार प्रतिशत पर लाने की दिशा में बढ़ेंगे तभी हमें रुख में बदलाव के बारे में सोचने का भरोसा मिलेगा।’’
उन्होंने कहा कि मुद्रास्फीति को लक्ष्य के अनुरूप लाने का काम उम्मीद के मुताबिक आगे बढ़ रहा है, लेकिन चार प्रतिशत का लक्ष्य अंतिम पड़ाव है, जो आसान नहीं है।
आरबीआई ने जून में पेश द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित मुद्रास्फीति चालू वित्त वर्ष 2024-25 में 4.5 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में खुदरा मुद्रास्फीति 4.9 प्रतिशत, दूसरी तिमाही में 3.8 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 4.6 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 4.5 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया है।
केंद्रीय बैंक को खुदरा मुद्रास्फीति दो प्रतिशत घट-बढ़ के साथ चार प्रतिशत पर रखने की जिम्मेदारी मिली हुई है। मौद्रिक नीति निर्धारित करते समय मुख्य रूप से खुदरा मुद्रास्फीति पर गौर किया जाता है।
दास ने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के संबंध में कहा कि वृद्धि को गति देने वाले कई तत्व अपनी भूमिका निभा रहे हैं। पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में आर्थिक वृद्धि की गति बहुत मजबूत थी और यह चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भी मजबूत बनी हुई है।
आरबीआई ने बढ़ती निजी खपत और ग्रामीण क्षेत्रों में मांग में पुनरुद्धार को देखते हुए जून की मौद्रिक नीति समीक्षा में चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी वृद्धि अनुमान को सात प्रतिशत से बढ़ाकर 7.2 प्रतिशत कर दिया है।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 11, 2024 07:08 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

