नयी दिल्ली, 15 सितंबर सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी हिंदुस्तान कॉपर की मध्य प्रदेश की मलांजखंड तांबा परियोजना में भूमिगत खदान के निर्माण की प्रगति काफी सुस्त है। इस खान का विकास करने वाली एजेंसी की वित्तीय हालत काफी खराब है, जिससे इसका काम सुस्त गति से चल रहा है।
हिंदुस्तान कॉपर ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा कि मलांजखंड तांबा परियोजना के प्रस्तावित विस्तार से अयस्क उत्पादन की क्षमता मौजूदा के 20 लाख से बढ़कर 50 लाख टन सालाना हो जाएगी। इसके लिए मौजूदा खुली खान के पास भूमिगत खदान का विकास किया जा रहा है।
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कंपनी ने कहा कि पर्यावरण मंजूरी (ईसी) तथा राष्ट्रीय वन्य जीव बोर्ड (एनबीडब्ल्यूएल) से मंजूरी के बाद भूमिगत खान के विकास का ठेका अप्रैल, 2015 में दिया गया था।
कंपनी ने कहा जिस एजेंसी को यह ठेका दिया गया था उसकी वित्तीय हालत खराब है। उक्त एजेंसी को 2016 में दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) के तहत भेजा गया है और अभी उसके परिसमापन की प्रक्रिया चल रही है। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी की एक हालिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि इस कारण से भूमिगत खदान के निर्माण की प्रगति काफी धीमी है।
अजय
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