लॉकडाउन के कारण देश में प्रवासी मजदूरों की समस्या बहुत गंभीर हो गई है : गहलोत
उन्होंने कहा कि राजस्थान में शुक्रवार से रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट के माध्यम से कोरोना की जांच शुरू हो गई है। त्वरित जांच (रैपिड टेस्ट) करने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य है। उन्होंने कहा कि पहले दिन 60 जांच की गई, जो सभी नेगेटिव पाई गईं।
जयपुर, 17 अप्रैल राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि कोरोना के संक्रमण और लॉकडाउन के कारण देश में प्रवासी मजदूरों की समस्या बहुत गंभीर हो गई है। चाहे मजदूर अपने राज्य में रह रहे हों या दूसरे राज्य में उनका एक बार अपने घर जाना जरूरी है। ऐसे में 20 अप्रैल के बाद हो सकता है, भारत सरकार इसमें थोड़ी छूट दे दे। ऐसा होने से मजदूरों का टूटा मनोबल लौट सकेगा और वे अपने रोजगार पर वापस आने में सहूलियत महसूस करेंगे।
उन्होंने कहा कि राजस्थान में शुक्रवार से रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट के माध्यम से कोरोना की जांच शुरू हो गई है। त्वरित जांच (रैपिड टेस्ट) करने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य है। उन्होंने कहा कि पहले दिन 60 जांच की गई, जो सभी नेगेटिव पाई गईं।
गहलोत ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि 10 हजार टेस्ट किट प्राप्त होते ही जांच शुरू कर दी गई है। पचास हजार किट शुक्रवार रात तक मिलने हैं और 2 लाख किट तीन दिन में पहुंच जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार से टेस्ट किट, पीपीई, वेंटिलेटर तथा अन्य उपकरणों की केंद्रीकृत खरीद के लिए आग्रह किया था, ऐसा करने पर उपकरणों की उपलब्धता उचित दरों पर जल्द हो पाती, लेकिन केंद्र सरकार ने इस सुझाव को नहीं माना।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोरोना की जांच की संख्या में कोई कमी नहीं की गई है। बीते कुछ दिनों में संक्रमित मामलों की संख्या कम हुई है, इसका यह कतई मतलब नहीं कि टेस्ट की संख्या कम की गई है। राजस्थान में देश में सबसे ज्यादा टेस्ट किए जा रहे हैं। अब तक 42 हजार 751 टेस्ट किए जा चुके हैं।
उन्होंने 20 अप्रैल से शुरू होने वाले ‘मॉडिफाइड लॉकडाउन’ के दौरान मास्क लगाने, सामाजिक दूरी बनाने सहित सभी प्रोटोकॉल की पालना में कोई ढील नहीं दी जाएगी। केवल उद्योग-धंधों और काम पर आने-जाने के लिए मूवमेंट में आंशिक छूट केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों के अनुरूप दी जाएगी
गहलोत ने कहा कि राजस्थान पहला राज्य है, जहां मजदूरों की परेशानी को दूर करने का लक्ष्य रखकर काम शुरू किया गया है। कुछ काम-धंधे 20 अप्रैल के बाद शुरू हो जाएंगे तो कुछ लोगों को काम मिल जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना और लॉकडाउन से केवल मध्यम वर्ग नहीं, सभी वर्गों की परेशानियां बढ़ी हैं। खुद सरकारें भी विषम आर्थिक हालातों का सामना कर रही हैं। पूरी अर्थव्यवस्था चौपट हो गई है, इससे निपटने के लिए सभी को कुछ त्याग करना पड़ेगा।
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 17, 2020 10:51 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

