नई दिल्ली, 25 फरवरी भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे ने शुक्रवार को भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपना ‘बड़ा भाई’ और ‘मार्गदर्शक’ बताया। प्रधानमंत्री तोबगे ने मोदी से उनका मार्गदर्शन करने का अनुरोध किया है ताकि वह अपने देश की सार्वजनिक सेवा में परिवर्तन लाने में योगदान दे सकें।
यहां ‘स्कूल ऑफ अल्टीमेट लीडरशिप’ (एसओयूएल) सम्मेलन में अपने भाषण के दौरान तोबगे ने हिंदी का खुलकर इस्तेमाल किया जिस पर दर्शकों ने खूब तालियां बजाईं।
उन्होंने कहा, ‘‘इसमें कोई संदेह नहीं है कि मैं आपमें एक बड़े भाई की छवि देखता हूं, जो हमेशा मेरा मार्गदर्शन करते हैं और मेरी मदद करते हैं।’’
शेरिंग ने एसओयूएल पहल का श्रेय मोदी को देते हुए कहा कि यह प्रामाणिक नेताओं को विकसित करने और उन्हें भारत के महान गणराज्य की सेवा करने के लिए सशक्त बनाने की उनकी अटूट प्रतिबद्धता का एक और प्रमाण है।
अपने संबोधन में भूटानी प्रधानमंत्री ने विनम्रतापूर्वक कहा कि वह इस कार्यक्रम में नेतृत्व का पाठ पढ़ाने नहीं बल्कि ‘एक छात्र के रूप में सीखने’ आए हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा, ‘‘नेतृत्व का मतलब उपाधियों से नहीं है, पदों से नहीं है, यह दूरदृष्टि, साहस और बदलाव के लिए प्रेरित करने की क्षमता से है। नेतृत्व का मतलब परिवर्तन से है, यह समाज को उस स्थान से ले जाने से है जहां वह आज खड़ा है, और इसे ऐसे भविष्य की ओर ले जाने से है जो सभी के लिए अधिक समृद्ध, अधिक शांतिपूर्ण और खुशहाल हो।’’
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक नेता वह देखता है जो दूसरे अभी तक नहीं देख पाए हैं, वह उस पर विश्वास करता है जिस पर दूसरे संदेह कर सकते हैं, और जहां दूसरे हिचकिचाते हैं वह वहां कार्रवाई करता है।
तोबगे ने कहा, ‘‘आदरणीय प्रधानमंत्री, मेरे बड़े भाई, आपने अपनी बुद्धिमता, साहस और करुणा से भरे नेतृत्व से भारत को दस वर्षों में ही प्रगति के पथ पर अग्रसर कर दिया है।’’
मोदी ने भूटानी प्रधानमंत्री द्वारा की गई प्रशंसा को हाथ जोड़कर स्वीकार किया। तोबगे ने ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजिटल इंडिया’, ‘स्वच्छ भारत’ जैसी सरकार की पहलों को मोदी का ‘राष्ट्र को उपहार’ बताया। उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व ने बड़ी संख्या में लोगों को गरीबी से बाहर निकाला और इसने भारतीय अर्थव्यवस्था को ‘नई ऊंचाइयों’ पर पहुंचाया है।
तोबगे ने कहा, ‘‘आप के नेतृत्व में ‘इंडिया’ अब ‘विकसित भारत’ बनने जा रहा है और आपकी विरासत एक शक्तिशाली एवं समृद्ध भारत होगा।
उन्होंने अपना भाषण ‘धन्यवाद’, ‘जय हिंद’ और पारंपरिक भूटानी अभिव्यक्ति के साथ समाप्त किया। मोदी ने उनके भाषण के बाद उनसे गर्मजोशी से हाथ मिलाया और उन्हें गले लगाया। मोदी ने अपने संबोधन में तोबगे की ओर से व्यक्त किये गए भाव के जवाब में उन्हें ‘मेरा भाई’ कहा।
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