उत्तरकाशी, 30 जुलाई गंगोत्री के तीर्थ पुरोहितों ने उत्तराखंड के बाहर के तीर्थयात्रियों को इस हिमालयी मंदिर में नहीं आने देने का निर्णय, चारधाम देवस्थानम बोर्ड द्वारा कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के लिए आगाह किए जाने के बाद वापस ले लिया है।
तहसीलदार प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि पुरोहितों से कहा गया कि मंदिर का प्रबंधन चारधाम देवस्थानम बोर्ड करता है और वे उसके आदेशों का उल्लंघन करके किसी भी तीर्थयात्री को मंदिर में आने से नहीं रोक सकते।
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जिलाधिकारी ने चौहान को पुरोहितों से बात करने के लिए गंगोत्री भेजा था।
चौहान ने कहा कि उपयुक्त दस्तावेजों के साथ आने वाले किसी भी तीर्थयात्री के मंदिर में आने पर कोई रोक नहीं है।
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बोर्ड ने बुधवार को पुराहितों के फैसले को ‘अवज्ञा का कृत्य’ करार देकर उन्हें कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी थी।
बोर्ड चारधारम समेत उत्तराखंड के 51 मंदिरों का प्रबंधन संभालता है। उसने कोरोना वायरस महामारी से बुरी तरह प्रभावित तीर्थाटन को रफ्तार देने के लिए 24 जुलाई को राज्य के बाहर के तीर्थयात्रियों को चारधाम यात्रा की मंजूरी दे दी थी। लेकिन मंगलवार को मंदिर के पुरोहितों ने देश में कोविड-19 के बढ़ते मामले के मद्देनजर जनसुरक्षा के लिए उत्तराखंड के बाहर के तीर्थयात्रियों के वास्ते यात्रा बंद करने का फैसला किया था। उन्होंने पत्र भेजकर जिला प्रशासन को अपने इस फैसले की जानकारी दी थी।
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