देश की खबरें | मंत्रालय ने विश्व चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई करने वाले खिलाड़ियों को विदेश में अभ्यास की मंजूरी दी

नयी दिल्ली, 11 जुलाई खेल मंत्रालय के मिशन ओलंपिक इकाई (एमओसी) ने मौजूदा भाला फेंक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा सहित विश्व चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई करने वाले भारतीय ट्रैक एवं फील्ड स्पर्धा के खिलाड़ियों के पदक की संभावना को बढ़ाने के लिए लंबी अवधि के विदेशी प्रशिक्षण दौरों को मंजूरी दे दी है।

भारतीय खिलाड़ी सितंबर में होने वाले विश्व चैंपियनशिप से पहले यूरोप और अमेरिका में अभ्यास करेंगे।

एमओसी की 157वीं बैठक में एथलेटिक्स को सबसे ज्यादा फायदा हुआ। एथलेटिक्स के लिए 86 लाख रुपये के प्रशिक्षण और प्रतियोगिता प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी है। इस राशि का एक बड़ा हिस्सा उन खिलाड़ियों के लिए निर्धारित किया गया है जिन्होंने 13 से 21 सितंबर तक तोक्यो में होने वाली प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई किया है।

चोपड़ा के नाम विश्व चैंपियनशिप के दो पदक है और 27 साल का यह खिलाड़ी एक बार फिर से भारत के लिए पदक की सबसे बड़ी उम्मीद होगा। वह 57 दिनों के लिए प्राग और चेक गणराज्य के निम्बार्क में प्रशिक्षण लेंगे।

वह शुक्रवार रात अपने फिजियो ईशान मारवाह के साथ रवाना होंगे और पांच सितंबर तक यूरोपीय देश में रहेंगे। इस पूरे प्रशिक्षण का खर्च 19 लाख रुपये आएगा।

चोपड़ा ने 2022 में रजत और 2023 में स्वर्ण पदक जीता था। वह अंजू बॉबी जॉर्ज (2003 में लंबी कूद में कांस्य) के बाद इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के पोडियम पर पहुंचने वाले पहले भारतीय हैं।

स्टीपलचेज खिलाड़ी अविनाश साबले, पारुल चौधरी और लंबी दूरी के धावक गुलबीर सिंह 15 जुलाई से तीन सितंबर तक कोलोराडो स्प्रिंग्स, लॉस एंजिल्स में प्रशिक्षण लेंगे। सरकार ने तीनों के प्रशिक्षण खर्च के लिए 41.29 लाख रुपये मंजूर किए हैं।

ये तीनों राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक हैं और उन्होंने मई में एशियाई चैंपियनशिप के दौरान अच्छा प्रदर्शन किया था। इसमें साबले ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि चौधरी ने महिलाओं की स्टीपलचेज और 5000 मीटर दौड़ में रजत पदक हासिल किया था।

गुलवीर ने पुरुषों की 10,000 मीटर के साथ-साथ 5,000 मीटर स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक हासिल किया था।

खेल मंत्रालय ने मध्यम दूरी के धावक अजय कुमार सरोज को शीर्ष खिलाड़ियों के साथ अभ्यास के लिए 10.32 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं। उन्होंने 2023 में हांगझोऊ एशियाई खेलों में रजत पदक जीता था। पिछले साल का अधिकांश समय सरोज टखने की चोट से जूझते रहे थे।

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