नयी दिल्ली, 12 नवंबर केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बृहस्पतिवार को कहा कि बड़े बांधों के निर्माण के लिए अब मुश्किल से ही कोई स्थान बचा है इसलिए भूजल पुनर्भरण पर जोर देना होगा।
उन्होंने कहा कि इससे लोगों को जल सुरक्षा प्रदान होगी।
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उन्होंने कहा कि जलशक्ति मंत्रालय ने भूजल के पुनर्भरण और जलदायी स्तरों के मानचित्रण का काम शुरू किया है।
शेखावत ने कहा, ‘‘ देश में जिस तरह की स्थिति है, उसमें मुझे नहीं लगता कि हम अब बड़ी संख्या में बड़े बांध बना सकते हैं… इसके लिये स्थान उपलब्ध नहीं है। हमने सभी का इस्तेमाल कर लिया है, जहां हम कर सकते थे। आज ऐसी परिस्थिति है कि हम उंगलियों पर गिन सकते हैं कि बड़े बाधों के लिए कहां जगह बचे हैं।’’
शेखावत राष्ट्रीय जल पुरस्कार कार्यक्रम में बोल रहे थे। देश में करीब 736 बड़े बांध हैं। बड़े बाधों के निर्माण से न केवल बड़ी संख्या में लोग विस्थापित होते हैं बल्कि जमीन का बड़ा हिस्सा जलमग्न हो जाता है।
मंत्री ने भूजल पुनर्भरण पर जोर देते हुए कहा, ‘‘ भूजल में यह क्षमता है कि वह हमारी पीढ़ियों का वहन कर सके और हमें जल सुरक्षा प्रदान कर सके। हम वैज्ञानिक आधार पर जलदायी स्तरों का मानचित्रण कर रहे हैं और भूजल पुनर्भरण पर काम कर रहे हैं।’’
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