नयी दिल्ली, 10 मार्च लोकसभा ने सोमवार को पोत परिवहन क्षेत्र से संबंधित ‘वहन-पत्र विधेयक 2024’ को पारित कर दिया, जिसमें 1856 के संबंधित कानून को निष्प्रभावी करके नया कानून बनाए जाने का प्रावधान किया गया है।
सदन में विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि सभी भारतीय चाहते हैं कि देश में स्वतंत्र भारत के कानून लागू किए जाएं, उसी क्रम में अंग्रेजों के समय के कानून की जगह लेने के लिए यह विधेयक लाया गया।
उन्होंने कुछ विपक्षी सदस्यों की चिंताओं को खारिज करते हुए कहा कि इस विधेयक को विभिन्न हितधारकों और कानून विशेषज्ञों से चर्चा के बाद लाया गया है।
सोनोवाल ने कहा, ‘‘हमने इसे सरल स्वरूप दिया है ताकि समझने में कठिनाई नहीं हो।’’
उन्होंने कुछ विपक्षी सांसदों के एक प्रश्न के जवाब में कहा कि विधेयक में केंद्र सरकार को निर्देश जारी करने का प्रावधान है जिसका लक्ष्य है कि हितधारक किसी भी स्थिति में परेशानी में नहीं पड़ें।
केंद्रीय मंत्री के जवाब के बाद सदन ने ध्वनिमत से विधेयक को मंजूरी प्रदान कर दी।
सोनोवाल ने यह भी कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हमें जो ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ का मंत्र दिया है, उसी नीति पर देश में विधायी, नीतिगत और आर्थिक सुधार हो रहे हैं।’’
इससे पहले, विधेयक को सदन में चर्चा और पारित करने के लिए पेश करते हुए सोनोवाल ने कहा कि पोत परिवहन क्षेत्र में व्यापार और वाणिज्यिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए यह विधेयक महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि एक स्वतंत्र लोकतांत्रिक आधुनिक देश होने के नाते और सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के नाते यह जरूरी है कि हमारे कानूनों में हमारी अस्मिता झलके और औपनिवेशिक मानसिकता नहीं हो तथा यह विधेयक इसी दिशा में सरकार का प्रयास है।
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