सेना ने कहा कि उसने सुरक्षा बलों की तरफ आ रहे ‘संदिग्धों’ पर चेतावनी स्वरूप गोलीबारी की थी. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गोलीबारी उसी जगह पर हुई जहां एक दिन पहले इजराइली सुरक्षा बलों ने भीड़ पर गोली चलाई थी. ये भीड़ दक्षिणी गाज़ा में उस सहायता केंद्र की ओर जा रही थी, जिसे इज़राइल और अमेरिका समर्थित ‘गाज़ा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन’ संचालित कर रहा है. इज़राइली सेना ने कहा कि उसने सोमवार को ‘‘कई संदिग्धों की ओर चेतावनी स्वरूप गोलियां चलाईं, जो सैनिकों की ओर बढ़ रहे थे और उनके लिए खतरा पैदा कर रहे थे.’’ घटना स्थल सहायता वितरण केंद्र से करीब एक किलोमीटर दूर है. घटना तब हुई तब यह केंद्र बंद था.
सेना ने इस बात से इनकार किया कि वह लोगों को सहायता वितरण स्थल पर पहुंचने से रोक रही है. वहीं, एक अन्य घटना में गाजा में सोमवार को इजराइल द्वारा एक आवासीय इमारत पर किए गए हमले में 14 लोग मारे गए, जिनमें अधिकतर महिलाएं और बच्चे थे. यह हमला जबालिया शरणार्थी शिविर पर किया गया. शिफा और अल-अहली अस्पतालों ने इस हमले में मारे गए लोगों की संख्या की पुष्टि करते हुए कहा कि मरने वालों में पांच महिलाएं और सात बच्चे शामिल हैं. यह भी पढ़ें : भारत-अमेरिका संबंध मेरे लिए ‘बहुत व्यक्तिगत’ हैं: उषा वेंस
सेना ने कहा कि उसने उत्तरी गाजा में ‘‘आतंकवादी ठिकानों’’ पर हमला किया है, हालांकि उसने इस बारे में विस्तार से कुछ नहीं बताया. इजराइल का कहना है कि वह केवल चरमपंथियों को निशाना बनाता है और नागरिकों को नुकसान पहुंचाने से बचने की कोशिश करता है. सोमवार को फलस्तीनी प्राधिकरण ने कहा कि वेस्ट बैंक के फलस्तीनी गांव सिंजिल में इजराइली सेना ने 14 वर्षीय लड़के को गोली मार दी जिससे उसकी मौत हो गई. एक बयान में, इजराइली सेना ने कहा कि सिंजिल क्षेत्र में सैनिकों ने गोलीबारी कर उस व्यक्ति को मार गिराया जिसने उन पर खतरनाक पदार्थ से भरी दो बोतलें फेंकी थीं.













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