देश की खबरें | आम लोगों की बुद्धि नौकरशाहों और विशेषज्ञों से कहीं बेहतर है: यूनान के पूर्व प्रधानमंत्री

बेंगलुरु, 14 फरवरी यूनान के पूर्व प्रधानमंत्री जॉर्ज पापांद्रेउ ने शुक्रवार को कहा कि आम लोगों की बुद्धि अकसर कुछ बेहतरीन नौकरशाहों और विशेषज्ञों से कहीं बेहतर होती है तथा समाज को संकट से निपटने के लिए तैयार रहना चाहिए।

यहां ‘इन्वेस्ट कर्नाटक-2025’ शिखर सम्मेलन के अंतिम दिन 'पैनल' चर्चा में पापांद्रेउ ने अशांति को रोकने के लिए नागरिकों को शिक्षित करने पर जोर दिया और कहा कि समाज को लचीला बनाने के लिए देशों को आम लोगों पर अधिक विश्वास जताने की जरूरत है।

पापांद्रेउ ने स्पष्ट किया, ‘‘मेरा मानना ​​है कि समाज को और अधिक खुला, अधिक लोकतांत्रिक, सहभागी होना चाहिए तथा जहां हम अपने नागरिकों को वास्तव में नागरिक बनने के लिए शिक्षित करें। हम ऐसा बहुत अधिक नहीं करते हैं। हम व्यवसायों के लिए शिक्षा देते हैं, नागरिक बनने के लिए नहीं।’’

उन्होंने कहा कि आम लोगों की बुद्धि प्रायः कुछ सर्वश्रेष्ठ नौकरशाहों और विशेषज्ञों से कहीं बेहतर होती है।

पापान्द्रेउ ने कहा कि यूनान में जब तानाशाही शासन आया तो उनके पिता और दादा को जेल में डाल दिया गया तथा वह स्वीडन, फ्रांस, कनाडा और ब्रिटेन में निर्वासित हो गए, जिससे उन्हें खानाबदोश जीवन जीने के लिए मजबूर होना पड़ा।

इस कार्यक्रम में तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संगठन और विश्व स्वास्थ्य संगठन जैसी इसकी शाखाओं की भूमिका पृथ्वी पर हर देश को साझा परिणामों के लिए एक साथ आने का मंच प्रदान करती है।

उनके अनुसार, वर्तमान में अमेरिकी बहिष्कार के कारण विश्व व्यापार संगठन का विवाद समाधान तंत्र पंगु हो गया है।

थरूर ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने युद्धों को रोकने और शांति स्थापना के लिए बेहतर काम किया है।

उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र विश्व का दर्पण है, जो सभी असमानताओं, मतभेदों और विभाजनों को प्रतिबिंबित करता है।

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