जरुरी जानकारी | अगले साल मार्च तक चावल फोर्टिफिकेशन कार्यक्रम को पूरी तरह लागू करेगी सरकार

नयी दिल्ली, 22 अगस्त खाद्य मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि सरकार मार्च, 2024 के निर्धारित लक्ष्य से पहले चावल के पौष्टिक तत्वों से संवर्धीकरण (फोर्टिफिकेशन) कार्यक्रम को पूरी तरह से लागू कर देगी। मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2021 में अपने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में कहा था कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2024 तक सरकारी योजनाओं के माध्यम से फोर्टिफाइड चावल वितरित करना है।

इसके बाद बच्चों और महिलाओं में एनिमिया की समस्या के समाधान के लिए अक्टूबर, 2021 में चरणबद्ध तरीके से निर्धारित सूक्ष्म पोषक तत्वों (आयरन, फोलिक एसिड, विटामिन बी12) युक्त फोर्टिफाइड चावल के वितरण की एक योजना शुरू की गई।

अप्रैल 2022 में, आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने चरणबद्ध तरीके से वर्ष 2024 तक सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस), एकीकृत बाल विकास सेवाओं (आईसीडीएस), प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण-पीएम पोषण (तत्कालीन मध्याह्न भोजन) योजना और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के लिए फोर्टिफाइड चावल की आपूर्ति शुरू करने को मंजूरी दे दी।

चावल फोर्टिफिकेशन की पूरी लागत, जो लगभग 2,700 करोड़ रुपये प्रति वर्ष है, जून 2024 तक इसके पूर्ण कार्यान्वयन तक खाद्य सब्सिडी के हिस्से के रूप में केंद्र द्वारा वहन की जाएगी।

खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने मार्च, 2024 तक फोर्टिफाइड पीडीएस चावल की योजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा था। लेकिन, वितरण की गति के साथ, हमें उम्मीद है कि हम उससे पहले लक्ष्य तक पहुंच जाएंगे और अगले कुछ महीनों में पूरे पीडीएस (चावल) को फोर्टिफाइड कर दिया जाएगा।’’

उन्होंने कहा कि आज की तारीख में भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के पास 240 लाख टन चावल है, जिसमें से सिर्फ 12 लाख टन गैर-फोर्टिफाइड चावल है।

चोपड़ा ने यह भी कहा कि फोर्टिफाइड चावल सिकल सेल एनिमिया और थैलेसीमिया से पीड़ित लोगों के लिए सुरक्षित है।

उन्होंने बताया कि पीडीएस फोर्टिफाइड चावल के माध्यम से प्रति दिन केवल सात मिलीग्राम आयरन की खपत होगी जबकि मानव शरीर प्रति दिन 40-45 मिलीग्राम आयरन ले सकता है।

चोपड़ा ने कहा, वैश्विक स्तर पर 90 देश खाद्य पदार्थों के फोर्टिफिकेशन का उपयोग कर रहे हैं।

खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने यहां चावल फोर्टिफिकेशन पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया।

सेमिनार को संबोधित करते हुए चोपड़ा ने कहा, ‘‘हम देश के सभी चावल खपत वाले जिलों में फोर्टिफाइड चावल के 100 प्रतिशत वितरण के लक्ष्य को हासिल करने की राह पर हैं।’’

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