तिरुवनंतपुरम (केरल), 18 फरवरी केरल सरकार ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समन्वय समिति का गठन किया है, जो पिछले साल जुलाई में वायनाड जिले के मुंडक्कई और चूरलमाला क्षेत्रों में भूस्खलन से प्रभावित हुए लोगों के लिए टाउनशिप परियोजनाओं के कार्यान्वयन पर नजर रखेगी।
सोमवार को गठित इस समिति को कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं जिसमें वायनाड टाउनशिप परियोजना के सुचारू और कुशल निष्पादन को सुनिश्चित करना, चुनौतियों का समाधान करना और इसके कार्यान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना शामिल है।
सरकारी आदेश के अनुसार, वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों सहित वरिष्ठ नौकरशाहों वाली यह समिति परियोजना को अंतिम रूप देगी और मंत्रिपरिषद द्वारा लिए गए निर्णयों के अनुरूप कार्यान्वयन के तरीके पर फैसला करेगी। यह पुनर्वास समिति और मंत्रिपरिषद को महत्वपूर्ण नीतिगत मामलों की सिफारिश भी करेगी।
इसके अतिरिक्त, समिति मंजूरी देने से पहले परियोजना की आवश्यकताओं और डिजाइन की समीक्षा कर उन्हें अंतिम रूप देगी। परियोजना के वित्तीय पहलू भी समिति की देखरेख में होंगे। परियोजना की प्रगति की निगरानी और मूल्यांकन करना एक और बड़ी जिम्मेदारी होगी। समिति परियोजना की अवधि से लेकर सुझाए गए बदलावों का आकलन करेगी और उनकी स्वीकृति या अस्वीकृति पर फैसला करेगी।
यह विशेष अधिकारी, नियोक्ता के प्रतिनिधि और ईपीसी ठेकेदार के काम की देखरेख भी करेगी, तथा यह सुनिश्चित करेगी कि सभी हितधारक समय पर परियोजना को पूरा करने के लिए प्रभावी ढंग से समन्वय करें। पारदर्शिता और दक्षता बनाए रखने के लिए, समिति स्वतंत्र तकनीकी मूल्यांकन और लेखा परीक्षा की समीक्षा करेगी।
केरल सरकार ने एक जनवरी को हुए विनाशकारी भूस्खलन में बचे लोगों के लिए व्यापक पुनर्वास परियोजना को मंजूरी दी है। इस प्राकृतिक आपदा में 200 से अधिक लोग मारे गए थे। इस परियोजना में आपदा से प्रभावित लोगों के लिए सुरक्षित माहौल प्रदान करने के वास्ते दो शहर बसाना शामिल है जिनमें घर, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, आंगनवाड़ी, बाजार, पार्किंग क्षेत्र, खेल के मैदान, पेयजल, स्वच्छता सुविधाएं आदि सहित सभी बुनियादी सुविधाएं होंगी।
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