नयी दिल्ली, 13 दिसंबर सरकार देश में लॉजिस्टिक लागत के आकलन के तौर-तरीकों का ब्योरा बृहस्पतिवार को जारी कर सकती है। इससे लॉजिस्टिक लागत का सही आकलन हो सकेगा। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
सरकार लॉजिस्टिक लागत को लेकर फिलहाल कुछ अनुमान को मानकर चल रही है। इसके मुताबिक देश में लॉजिस्टिक लागत सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का लगभग 13-14 प्रतिशत है।
उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) में विशेष सचिव सुमिता डावरा ने इससे पहले कहा था कि सरकार लॉजिस्टिक लागत के आकलन को लेकर रूपरेखा ला रही है।
रूपरेखा में इस लागत से जुड़े तत्व और इसे मापने का तरीका शामिल होगा।
अधिकारी ने कहा कि दीर्घकालीन स्तर पर लॉजिस्टिक लागत के आकलन को लेकर रूपरेखा तैयार है और इसका आकलन विश्वबैंक से संबद्ध बाह्य विशेषज्ञ कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘इस बारे में व्यापक रिपोर्ट 14 दिसंबर को आनी है।’’
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