देश की खबरें | किसानों के सुझाव और मांग के लिए न्यायालय के दरवाजे हमेशा खुले हैं : उच्चतम न्यायालय
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पंजाब सरकार ने बुधवार को उच्चतम न्यायालय को सूचित किया कि खनौरी बॉर्डर पर आमरण अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल और अन्य किसानों के साथ लगातार बैठकें की गईं, लेकिन उन्होंने शीर्ष अदालत द्वारा गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति के साथ बातचीत करने से इनकार कर दिया था।
नयी दिल्ली, 18 दिसंबर पंजाब सरकार ने बुधवार को उच्चतम न्यायालय को सूचित किया कि खनौरी बॉर्डर पर आमरण अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल और अन्य किसानों के साथ लगातार बैठकें की गईं, लेकिन उन्होंने शीर्ष अदालत द्वारा गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति के साथ बातचीत करने से इनकार कर दिया था।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत एवं न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ को पंजाब के महाधिवक्ता (एजी) गुरमिंदर सिंह ने सूचित किया कि समिति ने उन्हें 17 दिसंबर को आमंत्रित किया था, लेकिन प्रदर्शनकारी किसानों ने उनसे बात नहीं की।
सिंह ने कहा कि राज्य सरकार प्रतिदिन किसानों को मनाने का प्रयास कर रही है और उन्होंने सुझाव दिया कि उन्हें अपनी मांगों को सीधे अदालत में रखने की अनुमति दी जा सकती है।
उच्चतम न्यायालय ने कहा, ‘‘हम स्पष्ट करते हैं कि किसानों द्वारा सीधे या उनके अधिकृत प्रतिनिधियों के माध्यम से दिए गए किसी भी सुझाव या मांग के लिए अदालत के दरवाजे हमेशा खुले हैं।’’
उच्चतम न्यायालय ने डल्लेवाल की स्वास्थ्य स्थिति का भी संज्ञान लिया और पंजाब सरकार को बिना देरी किए चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने को कहा।
पंजाब के महाधिवक्ता ने कहा कि राज्य के अधिकारियों और केंद्र के एक प्रतिनिधि ने डल्लेवाल से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली लेकिन उन्होंने चिकित्सा जांच कराने से इनकार कर दिया।
शीर्ष अदालत ने डल्लेवाल के स्वास्थ्य की देखभाल में किसी भी तरह की ढिलाई न बरतने का सुझाव दिया।
पीठ ने कहा कि डल्लेवाल एक गैर-राजनीतिक नेता हैं और वह किसानों के हितों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
मामले की अगली सुनवाई 19 दिसंबर को तय की गई है।
उच्चतम न्यायालय ने किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश देते हुए शुक्रवार को कहा था कि प्रदर्शनकारी किसानों को विरोध का गांधीवादी तरीका अपनाना चाहिए।
पंजाब-हरियाणा सीमा पर एक पखवाड़े से अधिक समय से अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे डल्लेवाल की तबीयत बिगड़ रही है।
उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि उसके द्वारा गठित एक उच्चस्तरीय समिति, जिसके बारे में कहा गया है कि वह अच्छा काम कर रही है, प्रदर्शनकारी किसानों से बात करेगी और अदालत को सिफारिशें देगी, जिन्हें अंततः निर्णय के लिए हितधारकों के समक्ष रखा जाएगा।
डल्लेवाल 26 नवंबर से पंजाब और हरियाणा के बीच खनौरी बॉर्डर पर अनशन पर हैं ताकि केंद्र पर फसलों के एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) की कानूनी गारंटी सहित आंदोलनकारी किसानों की मांगों को स्वीकार करने के लिए दबाव बनाया जा सके।
सुरक्षा बलों द्वारा किसानों के दिल्ली कूच को रोके जाने के बाद संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा के बैनर तले किसान 13 फरवरी से पंजाब और हरियाणा के बीच शंभू और खनौरी बॉर्डर पर डेरा डाले हुए हैं।
शंभू सीमा पर आंदोलन कर रहे किसानों की शिकायतों के समाधान के लिए पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश नवाब सिंह की अध्यक्षता में दो सितंबर को गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी मान्यता देने और प्रत्यक्ष आय सहायता की पेशकश की संभावना पर गौर करने सहित विभिन्न समाधान सुझाए हैं।
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(The above story first appeared on LatestLY on Dec 18, 2024 07:50 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

