देश की खबरें | राहुल का राजाजी रिजर्व के निदेशक पद पर तैनाती का निर्णय 'सर्वसम्मति' से लिया गया: उनियाल

देहरादून, 29 अगस्त उत्तराखंड के वन मंत्री सुबोध उनियाल ने बृहस्पतिवार को कहा कि पांखरो टाइगर सफारी के निर्माण में कथित अनियमितताओं के संबंध में उच्चतम न्यायालय सहित कई स्तरों पर जांच का सामना कर रहे कॉर्बेट बाघ अभयारण्य के पूर्व निदेशक राहुल को राजाजी राष्ट्रीय पार्क में नई तैनाती दिए जाने का निर्णय 'सर्वसम्मति' से लिया गया था ।

उनियाल ने यहां एक बयान में कहा, ‘‘ मीडिया में ऐसी खबरें आयी हैं कि मुख्यमंत्री ने राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक पद पर नियुक्ति के लिए मंत्री, मुख्य सचिव और अन्य सभी को नजरअंदाज कर दिया। यह पूरी तरह से गलत है। यह निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया है। मुख्यमंत्री और मेरी सहमति के बाद यह निर्णय लिया गया है।’’

उन्होंने कहा कि जहां तक केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच का सवाल है, तो कई मामलों में कई लोगों के खिलाफ जांच चल रही है ।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर किसी के खिलाफ कुछ पाया गया तो सख्त कार्रवाई की गयी है । सीबीआई जांच का मतलब यह नहीं है कि विभाग में सभी को दोषी मान लिया जाए।’’

वन विभाग द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि पांखरो टाइगर सफारी में कथित अनियमितताओं के मामले में राज्य सरकार ने कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के तत्कालीन निदेशक राहुल के विरुद्ध विभागीय अनुशासनिक कार्यवाही आरंभ करते हुए उन्हें वन विभाग के प्रमुख के कार्यालय से संबद्ध कर दिया था । राहुल के खिलाफ यह जांच अभी लंबित है ।

भारतीय वन सेवा के अधिकारी राहुल को इस माह राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक पद पर तैनात किया गया है।

विज्ञप्ति के अनुसार, उच्च न्यायालय के आदेश पर प्रकरण में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जांच की जा रही है जबकि उच्चतम न्यायालय और राष्ट्रीय हरित अधिकरण के स्तर पर भी यह प्रकरण विचाराधीन है।

सीबीआई द्वारा केवल तत्कालीन प्रभागीय वनाधिकारी किशन चंद एवं वन क्षेत्राधिकारी बृज बिहारी शर्मा के विरूद्ध न्यायालय में मुकदमा चलाए जाने की अनुमति मांगी गयी है।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि केंद्र और राज्य सरकार के नियमों में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि किसी अधिकारी के विरूद्ध लंबित जांच के दौरान उसे कोई तैनाती नहीं दी जा सकती । उसमें केवल यह प्रावधान है कि जिस तैनाती स्थल पर अनियमितता की शिकायत है, वहां उसे तैनाती नहीं दी जा सकती ।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि जांच में अगर राहुल के विरूद्ध कोई निर्णय आता है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी ।

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