देश की खबरें | जाति जनगणना का निर्णय सामाजिक न्याय की दिशा में लंबे समय से प्रतीक्षित कदम: अहीर

नयी दिल्ली, तीन मई राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (एनसीबीसी) के अध्यक्ष हंसराज गंगाराम अहीर ने शनिवार को कहा कि केंद्र का जाति जनगणना का निर्णय काफी विचार-विमर्श के बाद लिया गया है और इससे कल्याणकारी योजनाएं बनाने में स्पष्टता आएगी।

केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार की सराहना करते हुए और यह विश्वास व्यक्त करते हुए कि सरकार इस जटिल प्रक्रिया को शुचिता के साथ पूरा करेगी, अहीर ने कहा कि यह सामाजिक न्याय के लिए लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने की दिशा में एक ‘‘लंबे समय से प्रतीक्षित कदम’’ है।

अहीर ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘लोग यही चाहते थे और सरकार ने उनकी बात सुनी है।’’ उन्होंने रेखांकित किया कि यह निर्णय व्यापक ‘‘सामाजिक न्याय के लिए दीर्घकालिक योजना’’ के अनुरूप है।

एक प्रमुख नीतिगत बदलाव में, सरकार ने घोषणा की है कि अगली जनगणना में आजादी के बाद पहली बार जातिगत गणना शामिल होगी।

कई नेताओं ने दलीय रुख से ऊपर उठकर इस कदम का स्वागत किया है और इस प्रक्रिया को शीघ्र शुरू करने का आह्वान किया है, जिससे देश के सामाजिक-आर्थिक और राजनीतिक परिदृश्य को नया आकार मिलने की उम्मीद है।

अहीर ने कहा, ‘‘जाति जनगणना का फैसला सोच-समझकर और काफी विचार-विमर्श के बाद लिया गया है अगर यह राजनीतिक कदम होता तो इसकी घोषणा चुनाव से पहले की जाती।’’

उन्होंने कहा कि यह ओबीसी कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और इससे उनके लाभ के लिए योजनाएं तैयार करते समय ‘‘स्पष्टता’’ लाने में मदद मिलेगी।

एनसीबीसी अध्यक्ष अहीर ने 2011 की सामाजिक-आर्थिक और जाति जनगणना में जाति के आंकड़े एकत्र करने के पिछली सरकार के प्रयास पर निशाना साधते हुए दावा किया कि उस प्रक्रिया खामिया थीं।

अहीर ने दावा किया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली तत्कालीन संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार जातियों की एक व्यापक सूची तैयार करने में विफल रही और एक त्रुटिपूर्ण ‘प्रोफार्मा’ का इस्तेमाल किया, जिससे यह प्रक्रिया अप्रभावी हो गई।

सरकार के फैसले को सत्ता पक्ष महत्वपूर्ण पहल करार दे रहा है तो वहीं विपक्ष पहलगाम हमले के मद्देनजर इसकी घोषणा के समय को लेकर सवाल उठा रहा है।

भाजपा ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि इससे केंद्र के ‘‘असली इरादों’’ और विपक्षी दलों की ‘‘खोखली नारेबाजी’’ के बीच का अंतर उजागर हो गया है।

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