कोलकाता, 29 जुलाई चाय बोर्ड के अध्यक्ष पी के बेजबरुआ ने बुधवार को कहा कि चाय की कीमत में मौजूदा तेजी तकनीकी सुधार है क्यों कि चायों की कीमतें वर्षों से स्थिर बनी हुई थीं।
उन्होंने कहा कि यह तेजी अस्थायी है और अगले साल फिर से गिरावट आएगी।
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कन्फेडरेशन ऑफ स्मॉल टी ग्रोअर्स एसोसिएशन (सिस्टा) द्वारा आयोजित एक वेबिनार में बेजबरुआ ने कहा, ‘‘मौजूदा मूल्य वृद्धि तेजी तकनीकी सुधार है।’’
उन्होंने कहा कि पिछले साल चाय की भारी मात्रा में आपूर्ति हुई थी और जब टी बोर्ड ने दिसंबर में चाय पत्तियों को नहीं तोड़ने का आदेश दिया यह काफी हद तक सही हो गया था।
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बेजबरुआ ने चेतावनी दी कि केन्या जैसे अन्य देशों के मुकाबले भारतीय चाय की मौजूदा कीमतें उच्च स्तर पर हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘यह चिंता का कारण है कि भविष्य में चाय के आयात पर मौजूदा रोक हल्की की जा सकती है और उससे असम, उत्तर बंगाल और नीलगिरी में चाय उद्योग को क्षति होगी। आशा है कि सरकार जिम्मेदार तरीके से कार्य करेगी और हजारों लोगों की आजीविका को बचाएगी।’’
चाय बोर्ड के अध्यक्ष ने हालांकि कहा कि अगले साल फसल आने पर कीमतों में गिरावट देखी जा सकती है।
चाय बोर्ड के निदेशक (चाय विकास) एस ध्वनिराजन ने कहा कि देश के समग्र चाय उत्पादन में छोटे उत्पादकों का योगदान लगभग 50 प्रतिशत है जो कोविड-19 महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।
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