देश की खबरें | बीयर लदे ट्रकों के गायब होने के मामले में कार्यवाही रद्द करने के आदेश को न्यायालय ने दरकिनार किया

नयी दिल्ली, 11 जुलाई उच्चतम न्यायालय ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मार्च 2020 के उस फैसले को सोमवार को दरकिनार कर दिया, जिसके तहत बीयर ले जा रहे दो ट्रक के कथित रूप से गायब होने के संबंध में लखनऊ में दर्ज मामले में आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया गया था।

शीर्ष अदालत ने कहा कि उच्च न्यायालय ने बड़ी साजिश के आरोपों पर पर्याप्त गौर नहीं किया और मामले में आपराधिक कार्यवाही को रद्द करके गलती की।

न्यायमूर्ति एम आर शाह और न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना की पीठ ने कहा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने मार्च 2020 में फैसला सुनाया था।

पीठ ने अपने आदेश में कहा, ‘‘सबसे पहले, इस बात पर गौर करना आवश्यक है कि उच्च न्यायालय ने मामले को निर्णय के लिए सुरक्षित रखे जाने के छह महीने बाद फैसला सुनाया।’’

उसने सलाह दी कि उच्च न्यायालय मामलों में दलीलें पूरी हो जाने के बाद और फैसला सुरक्षित रखे जाने के बाद जल्द से जल्द आदेश सुनाए।

पीठ ने सितंबर 2018 में बीयर की खेप ले जा रहे दो ट्रकों के कथित रूप से गायब होने के मामले में उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ राज्य और मामले के मूल मुखबिर द्वारा दायर अलग-अलग याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाया।

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