देश की खबरें | अदालत ने मेधा के मुताबिक मेडिसिन पाठ्यक्रम में डॉक्टरों को दाखिला देने का आदेश दिया

नयी दिल्ली, छह जुलाई दिल्ली उच्च न्यायालय ने आदेश दिया कि उस महिला चिकित्सक को मेरिट पर रोहतक मेडिकल कॉलेज में एमडी जनरल मेडिसिन पाठ्यक्रम में एक सीट दी जाए जिसे गलती से उस चिकित्सा पाठ्यक्रम में दाखिला दे दिया गया था जिसके लिये उसने आवेदन ही नहीं किया था।

अदालत ने कहा कि महिला को किसी मानवीय या कंप्यूटर में गड़बड़ी से हुई चूक की सजा नहीं मिलनी चाहिए।

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याचिकाकर्ता डी विष्णु प्रिया ने नीट स्नातकोत्तर 2020-21 में अखिल भारतीय कोटा में 553वीं रैंक हासिल की थी और उसे गलती से एमडी-माइक्रोबायोलॉजी सीट दे दी गई जबकि उसने एमडी जनरल मेडिसिन पाठ्यक्रम का विकल्प चुना था।

न्यायमूर्ति जयंत नाथ ने कहा कि एक सीट केंद्र सरकार के तहत आने वाले स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय द्वारा, रोहतक मेडिकल कॉलेज में एमडी जनरल मेडिसिन पाठ्यक्रम के लिये, अदालत के पूर्व में दिये गए अंतरिम आदेश के अनुरूप रखी गई है।

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न्यायमूर्ति नाथ ने कहा, “मैं यह कह सकता हूं कि मेधा सूची में स्थान के मुताबिक याचिकाकर्ता इस सीट की हकदार है।”

अदालत ने कहा कि ऐसा आदेश दिया जाता है कि स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय यह सीट याचिकाकर्ता को दे।

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