नयी दिल्ली, 20 अप्रैल दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को यहां जेलों में विभिन्न रिक्त पदों को भरने के लिए एक जनहित याचिका पर दिल्ली सरकार और जेल महानिदेशक का रुख पूछा और अधिकारियों से भर्ती की प्रक्रिया शुरू करने को कहा।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति नवीन चावला की पीठ ने एक वकील की याचिका पर नोटिस जारी किया और प्रतिवादियों से जेलों में स्वीकृत पदों की संख्या और रिक्तियों की स्थिति के बारे में स्थिति रिपोर्ट मांगी।
अदालत ने कहा कि प्रतिवादियों ने अगर रिक्तियों को भरने की प्रक्रिया शुरू नहीं की है तो उसे फौरन शुरू करना चाहिए और प्रक्रिया में तेजी लानी चाहिए।
अधिवक्ता अमित साहनी ने दावा किया कि दिल्ली की जेलों में 20 प्रतिशत से अधिक कर्मचारियों की कमी है और अदालत से अधिकारियों को चिकित्सा अधिकारियों, कल्याण अधिकारियों, परामर्शदाताओं, शिक्षकों, व्यावसायिक परामर्शदाताओं आदि के रिक्त पदों को भरने के लिए निर्देश जारी करने का आग्रह किया।
याचिका में कहा गया है कि जेलों में करीब 18,000 कैदी बंद हैं और उनके लिए तीन हजार सुरक्षा कर्मियों की जरूरत है, लेकिन बड़ी संख्या में इनके पद खाली पड़े हैं जिस वजह से जेल प्रशासन में बाधा उत्पन्न होती है।
मामले की अगली सुनवाई अब जुलाई में होगी।
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